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May 14, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

महाराष्ट्र में नए हाईवे प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगी कनेक्टिविटी, नितिन गडकरी ने की समीक्षा



नई दिल्ली, 4 मई  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को महाराष्ट्र में प्रस्तावित नए हाई-स्पीड कॉरिडोर, हाई-डेंसिटी कॉरिडोर और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कई प्रमुख हाईवे विकास परियोजनाओं पर चर्चा की। इनमें नागपुर-भंडारा सेक्शन को छह लेन का बनाना, तलोदा-बुरहानपुर सेक्शन को चार लेन करना, दुर्ग-गडचिरोली-मंचेरियल कॉरिडोर, गडचिरोली-कांकेर (रायपुर-विशाखापट्टनम) कॉरिडोर, ग्वालियर-नागपुर कॉरिडोर और नागपुर-हैदराबाद कॉरिडोर शामिल हैं।

इसके अलावा, भंडारा-रायपुर सेक्शन को छह लेन करने, लखनादौन-दुर्ग-रायपुर कॉरिडोर, नागपुर-अमरावती सेक्शन को छह लेन बनाने, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा-नागपुर बायपास-बोरखेड़ी खंड, और पुणे-सातारा सेक्शन को छह लेन बनाने जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई।

बैठक में महाराष्ट्र के राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 527 किलोमीटर लंबाई के नौ राज्य स्तरीय ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) प्रोजेक्ट्स पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इन परियोजनाओं में शिरूर-अहिल्यानगर (चार लेन), अहिल्यानगर-वडाला (चार लेन), वडाला-छत्रपति संभाजीनगर (चार लेन), छत्रपति संभाजीनगर-जालना (चार लेन), जालना-वातुर (चार लेन), नांदेड़-नरसी-देगलूर (चार और दो लेन), जाम-वरोरा (चार लेन), वरोरा-चंद्रपुर-बामनी (चार लेन) और मल्कापुर-चिखली (दो लेन) कॉरिडोर शामिल हैं।

बयान में कहा गया है कि इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में तेजी लाना है, ताकि क्षेत्र में सड़क संपर्क मजबूत हो और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

पिछले 11 वर्षों में भारत का सड़क नेटवर्क तेजी से बढ़ा है और अब यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1,46,560 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है।

पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने 57,125 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है, जिसमें हर साल औसतन 34,215 लेन-किलोमीटर का निर्माण हुआ है।

इससे प्रतिवर्ष करीब 33 करोड़ व्यक्ति-दिवस का रोजगार सृजन हुआ है, जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार शामिल हैं। यह आंकड़े हाल ही में संसद में पेश किए गए थे।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सड़क निर्माण में आई इस तेजी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 2014 में 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 2025 में 1,46,560 किलोमीटर हो गया है, जो करीब 61 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

वहीं, परिचालन में आने वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे की लंबाई 2014 में केवल 93 किलोमीटर थी, जो 2025 के अंत तक बढ़कर 3,052 किलोमीटर हो गई है।

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