जबलपुर। बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा काल से ही परिवार और राष्ट्र के प्रति समर्पण, संस्कार और कर्तव्यबोध विकसित करना आवश्यक है। यह विचार विवेक शेंडे ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बचपन से ही भारत माता की सेवा, परिवार के प्रति आदर और देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता बनाए रखने के लिए शिक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि परिवार में माता-पिता और गुरु के प्रति सम्मान का भाव ही संस्कारों की नींव होता है। संघ का उद्देश्य समाज को जागरूक करना, एकत्रित करना और संगठित रूप से एकात्म मानववाद के सिद्धांत पर कार्य करते हुए पीड़ित मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही ऐसे कार्य किए जाने चाहिए जो परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करें।
डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने समाज को जागरूक करने और राष्ट्र गौरव को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए। वर्तमान समय में भी समाज को संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर महानगर में सामाजिक समरसता और सद्भाव के उद्देश्य से नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज स्थित विद्या भारती परिसर में किया गया। इसमें मुख्य अतिथि वी. वी. शर्मा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, सद्भाव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।


