जबलपुर। शहर के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंट विधानसभा क्षेत्र के भटौली इलाके में फर्नीचर क्लस्टर स्थापित करने की मांग सामने आई है। इस संबंध में शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजकर क्षेत्र में उपलब्ध शासकीय भूमि को इस परियोजना के लिए आरक्षित करने और आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की पहल करने का आग्रह किया गया है।
बताया गया है कि रानी अवंती बाई वार्ड के अंतर्गत आने वाले भटौली क्षेत्र में बड़ी संख्या में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी वर्षों से फर्नीचर निर्माण के कार्य में लगे हुए हैं। यहां के कारीगरों द्वारा तैयार किया गया फर्नीचर न केवल जबलपुर, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अपनी गुणवत्ता और टिकाऊपन के लिए पहचान बना चुका है। इसके बावजूद उचित स्थान, आधुनिक संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ये कारीगर अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहे हैं।
प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि यदि भटौली क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित फर्नीचर क्लस्टर विकसित किया जाता है, तो इससे स्थानीय कारीगरों को एक ही स्थान पर कार्य करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मशीनरी, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग जैसी सुविधाएं भी एकीकृत रूप से उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का क्लस्टर तैयार होने से न केवल पारंपरिक कारीगरों को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, जबलपुर को प्रदेश के एक प्रमुख “फर्नीचर हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
प्रस्ताव में यह भी आग्रह किया गया है कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर क्लस्टर के लिए आवश्यक सड़क, बिजली, पानी, कार्यशालाएं और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए, ताकि उद्यमियों को बेहतर माहौल मिल सके। अब इस मांग पर शासन और प्रशासन के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।


