*फर्जी बिलों का खेल या बड़ा घोटाला? ब्रजेश ठाकुर पर उठे सवाल, जांच की मांग*
बरघाट (जिला सिवनी)/साल्हे खुर्द में पंचायत निधि पर बड़ा सवाल: सचिव ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, निलंबन व बर्खास्तगी की मांग तेज ग्राम पंचायत साल्हे खुर्द, तहसील बरघाट, जिला सिवनी में पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग, अधूरे निर्माण कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, ग्राम सचिव श्री ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है और उनके निलंबन, जांच व तत्काल स्थानांतरण की मांग को लेकर कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपा है, गांव के समाजसेवी श्री मुकेश पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने खुलकर आरोप लगाए हैं कि सचिव द्वारा वर्षों से मनमानी तरीके से पंचायत का संचालन किया जा रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि “जनता के पैसे से विकास के नाम पर धोखा दिया गया है।
*12 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ, मनमानी के आरोप*
ग्रामीणों के अनुसार सचिव श्री ब्रजेश ठाकुर पिछले लगभग 12 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं, इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने के कारण उन पर पक्ष पातपूर्ण कार्य, दबाव बनाकर निर्णय लेना और पंचायत पर एक तरफा नियंत्रण रखने के आरोप लग रहे हैं, ग्रामीणों का कहना है कि सचिव नियमित रूप से पंचायत में उपस्थित नहीं रहते, जिससे आम लोगों के जरूरी काम अटक जाते हैं। कई बार लोगों को प्रमाण पत्र, योजनाओं के आवेदन और अन्य दस्तावेजों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
*फर्जी बिल और राशि आहरण का आरोप*
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का आहरण किया गया है, कई विकास कार्य कागजों में पूरे दिखाए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर वे अधूरे पड़े हैं, लोगों का कहना है कि पंचायत निधि का सही उपयोग नहीं हुआ और राशि के गबन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, पंचायत बैठकों का नियमित आयोजन नहीं किया गया और पंचों को बिना सूचना के फैसले लिए गए।
*मनरेगा में फर्जी हाजिरी और मशीनों से काम कराने का आरोप*
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मनरेगा के कार्यों में मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई गई और कई काम मशीनों से कराए गए। इससे मजदूरों को रोजगार से वंचित होना पड़ा, हितग्राहियों को मिलने वाली शासकीय राशि और किस्तों के वितरण में भी देरी और अनिय मितता की शिकायत सामने आई है।
*पंचायत भवन और आंगनबाड़ी निर्माण अधूरा*
सबसे गंभीर आरोप निर्माण कार्यों को लेकर लगाए गए हैं, ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से “प्रगति पर” दिखाया जा रहा है, जबकि आज तक भवन अधूरा है, भवन के लिए स्वीकृत संपूर्ण राशि निकाल ली गई, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं दिख रहा, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण भी एक वर्ष से अधूरा पड़ा है और छत तक नहीं डाली गई है, vग्रामीणों का कहना है कि यदि राशि खर्च हो चुकी है, तो निर्माण पूरा क्यों नहीं हुआ? यह स्थिति सीधे-सीधे योजनाओं के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है, ग्रामीणों की एकजुट मांग समाज सेवी श्री मुकेश पटेल और अन्य ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि, मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, सचिव को तत्काल निलंबित किया जाए दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए पंचायत के समस्त कार्यों का विशेष ऑडिट कराया जाए सचिव का तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सूचना का अधिकार (RTI), लोका युक्त और मीडिया के माध्यम से मामला उच्च स्तर तक ले जाएंगे।
*हमें ऐसा लापरवाह सचिव नहीं चाहिए*
गांव के लोगों का कहना है,हमारे गांव का विकास ठप पड़ा है, पंचायत के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है। हमें ऐसा लापरवाह सचिव नहीं चाहिए। यदि दोष सिद्ध होता है तो उन्हें बर्खास्त किया जाए, ग्राम पंचायत साल्हे खुर्द में उठी यह आवाज अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है, अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या ग्रामीणों की शिकायतों पर सख्त कदम उठाया जाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


