32.6 C
Jabalpur
May 14, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

सुवेंदु अधिकारी ने ली सीएम पद की शपथ, ऐसा रहा है राजनीतिक सफर

कोलकाता, 9 मई । पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई और सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है। 8 मई को भाजपा विधायक दल ने सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है। उन्होंने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद वे तीन बार पार्षद रहे और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी बने। उन्हें 20 साल से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पांच साल तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। राज्य सरकार में रहते हुए उन्होंने परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इसके अलावा वे हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरमैन भी रहे। हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में अहम भूमिका निभाई। सहकारिता आंदोलन में भी उनका बड़ा योगदान रहा है। वे एग्रीकल्चर रूरल बैंक, कांथी अर्बन कोऑपरेटिव और विद्यासागर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं। सुवेंदु अधिकारी का परिवार भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है। कांथी के प्रसिद्ध अधिकारी परिवार के बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी बंगाल के कई स्वतंत्रता सेनानियों के करीबी सहयोगी थे। बिपिन अधिकारी को अंग्रेजों ने जेल भेजा था और ब्रिटिश शासन के दौरान अधिकारी परिवार का घर दो बार जला दिया गया था। 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के करकुली गांव में जन्मे सुवेंदु अधिकारी ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से एम.ए. की पढ़ाई की है। वे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री शिशिर अधिकारी के पुत्र हैं और फिलहाल अविवाहित हैं। सुवेंदु अधिकारी 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे, जिसने 34 साल पुराने वाम मोर्चा शासन को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई थी। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में रहे और 2020 तक ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी थे। दिसंबर 2020 में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्हें ‘जायंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 2021 में नंदीग्राम और 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की। –

अन्य ख़बरें

सशस्त्र सेना झण्डा दिवस निधि में सराहनीय योगदान पर कलेक्टर को मिला प्रशंसा पत्र

Newsdesk

उड़द एवं मूंग फसल प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

Newsdesk

जनसुनवाई में अनाथ बच्चों को मिला सहारा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading