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Jabalpur
May 14, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

विकसित हो रहे क्षेत्रों में भी जेडीए को देना होगा ध्यान एक दशक पुरानी योजनाओं से आगे बढ़ने की जरूरत



जबलपुर। महानगर की तर्ज पर तेजी से विस्तार ले रहा जबलपुर अब चारों दिशाओं में विकसित हो रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र भी लगातार उभर रहे हैं। ऐसे में शहर के सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी केवल नगर निगम तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
पूर्व में जेडीए ने तत्कालीन मास्टर प्लान के अनुरूप कई आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं का संचालन किया था। इनमें से अनेक योजनाएं पूरी होकर नगर निगम को हस्तांतरित भी की जा चुकी हैं। लेकिन बीते डेढ़ दशक में जेडीए द्वारा जो योजनाएं विकसित की गईं या वर्तमान में संचालित हैं, वे अधिकांशतः विजयनगर और उससे जुड़े क्षेत्रों तक ही सीमित दिखाई देती हैं।
अब शहर के जानकारों और नागरिकों का मानना है कि विकास का दायरा बदल चुका है। केवल एक दिशा में योजनाएं विकसित करने के बजाय जेडीए को शहर के उन हिस्सों पर भी ध्यान देना होगा जहां तेजी से बसाहट और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। बिलहरी, तिलवारा, पाटन, कटंगी, पनागर, रांझी जैसे क्षेत्र अब भविष्य के बड़े विकास केंद्र बनते दिखाई दे रहे हैं। इन इलाकों में बेहतर सड़क, आवासीय कॉलोनियों, व्यावसायिक परिसरों और नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
नए मास्टर प्लान का इंतजार
शहरवासी लंबे समय से नए मास्टर प्लान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नया मास्टर प्लान जल्द लागू होता है तो जेडीए को नई योजनाओं के लिए स्पष्ट दिशा मिलेगी। इसके माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों में संतुलित और व्यवस्थित विकास की बेहतर प्लानिंग संभव हो सकेगी।
वर्तमान में जेडीए की जो प्रमुख योजनाएं संचालित हैं, वे लगभग दस वर्ष पुरानी मानी जा रही हैं। बदलती जरूरतों और बढ़ती आबादी के अनुरूप नई परियोजनाओं की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
सात वर्षों तक खाली रहा अध्यक्ष पद
विगत सात वर्षों तक जबलपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष पद किसी जनप्रतिनिधि के पास नहीं था और पदेन अध्यक्ष के रूप में संभागायुक्त इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। प्रशासनिक स्तर पर काम चलते रहे, लेकिन शहर के दीर्घकालिक विकास को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है, उसकी कमी महसूस की जाती रही।
इसी कारण बीते वर्षों में जेडीए की ओर से कोई बड़ी नई विकास योजना सामने नहीं आ सकी। शहर के नागरिकों और व्यापारिक वर्ग का मानना है कि विकास प्राधिकरण को अब पुराने ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक और दूरदर्शी योजनाओं पर काम करना होगा।
संदीप जैन से बढ़ीं उम्मीदें
अब सात वर्षों बाद जेडीए को एक जनप्रतिनिधि अध्यक्ष मिलने जा रहा है। भाजपा नेता संदीप जैन को मध्यप्रदेश शासन द्वारा जबलपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शहर में उनकी पहचान एक सक्रिय और संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में रही है, इसलिए नागरिकों की उम्मीदें भी उनसे बढ़ गई हैं।
माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में जेडीए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा और शहर के चारों दिशाओं में संतुलित विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
14 मई को संभालेंगे कार्यभार
जानकारी के अनुसार संदीप जैन 14 मई को जेडीए अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। लंबे समय बाद जनप्रतिनिधि के हाथों में विकास प्राधिकरण की कमान आने से शहरवासियों को उम्मीद है कि जबलपुर के विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी।

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