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बालाघाट के ख्यातिलब्ध साहित्यकार पं. सुधाकर शर्मा के व्यक्तित्व – कृतित्व को रेखांकित करते हुए दतिया मध्यप्रदेश के कला, संस्कृति और साहित्य को समर्पित आलोक संस्थान ने अनेक साहित्यिमनीषियों की गरिमा पूर्ण उपस्थिति में सारस्वत सम्मान से विभूषित किया!
पंडित सुधाकर शर्मा के प्रबंध काव्यों,स्फुट गीतों, संस्मरणात्मक निबंधों और व्यंग्य विचार प्रधान लेखों पर संचालक हरिहर शर्मा, साहित्यकार कमलकांत शर्मा ने विस्तार से प्रकाश डाला!इस अवसर पर पं. सुधाकर शर्मा पर केंद्रित डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह संजय कृत विश्लेषणात्मक कृति प्रबंध सुधाकर के प्रबंध काव्यों क्रमशः मंथरा, पाषाणी, रत्नावली और अश्वत्थामा के अतिरिक्त प्रकाशनाधीन महा गीत प्रबंध ” रामप्रिया ” एवं आख्यान काव्य ” गीता वाणी ” की व्याख्या करते हुए अतिथि वक्ताओं ने कहा कि आज आलोक संस्थान का कविता पर्व धन्य हो गया है! सम्मान समारोह के उपरांत सरस काव्य-गोष्ठी का संचालन हरिहर शर्मा ने किया! सम्मानित सुकवि पं. सुधाकर शर्मा ने महाकाव्य
” माॅ ” के उत्पन्ना पर्व और ऊर्मि पर्व के प्रतिनिधि पद्यांश सुना कर उपस्थित साहित्य प्रेमियों को भावाभिभूत कर दिया! संस्थान केअध्यज्ञ डाॅ. आलोक सोनी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार क्षापित किया!


