नई दिल्ली, 14 मई रात को सोते समय हर व्यक्ति की अपनी अलग आदतें होती हैं। कोई बिना तकिए के नहीं सो पाता, किसी को हल्की रोशनी पसंद होती है अक्सर देखा जाता है कि लोग सोते समय एक पैर कंबल के बाहर निकाल लेते हैं। लेकिन इस आदत को अगर विज्ञान की नजर से देखें तो इसके पीछे शरीर की कार्यप्रणाली और दिमाग से जुड़ी कई अहम बातें छिपी हुई हैं।
विज्ञान के अनुसार, अच्छी और गहरी नींद के लिए शरीर का तापमान संतुलित रहना बहुत जरूरी होता है। दिनभर काम करने के बाद जब शरीर आराम की अवस्था में पहुंचता है, तब दिमाग शरीर को धीरे-धीरे रिलैक्स मोड में ले जाने लगता है। इसी दौरान शरीर अपने तापमान को थोड़ा कम करने की कोशिश करता है। ऐसे में कई लोगों का एक पैर कंबल से बाहर निकालना शरीर की उसी प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
हमारे पैर शरीर की गर्मी बाहर निकालने का काम तेजी से करते हैं। पैरों के तलवों में बहुत सी छोटी रक्त नलिकाएं होती हैं, जो शरीर की गर्मी को बाहर की हवा तक पहुंचाने में मदद करती हैं। जब कोई व्यक्ति कंबल के अंदर ज्यादा गर्म महसूस करता है, तो शरीर खुद ही ऐसा तरीका अपनाता है, जिससे तापमान संतुलित हो सके। ऐसे में कई बार लोग नींद में अनजाने में ही अपना एक पैर बाहर निकाल लेते हैं। इससे शरीर को हल्की ठंडक मिलती है और दिमाग को आराम का संकेत पहुंचता है।
नींद आने की प्रक्रिया मानसिक भी होती है। जब शरीर को ठंडक और आराम महसूस होता है, तब दिमाग में तनाव कम होने लगता है। इससे व्यक्ति जल्दी रिलैक्स महसूस करता है और उसे गहरी नींद आने लगती है।
मनोवैज्ञानिकों की मानें तो कई लोगों को पूरी तरह ढककर सोने पर बेचैनी महसूस होती है। ऐसे में शरीर का थोड़ा हिस्सा बाहर रखने से उन्हें खुलापन का एहसास होता है और नींद बेहतर आती है।
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