नई दिल्ली, 17 मई । सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। इसके पांच अंगो यानी करण, वार, नक्षत्र, योग और तिथि के आधार पर ही दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 18 मई 2026 (रविवार) को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा और अमृत सिद्धि योग भी उपलब्ध होगा। शुभ कार्यों के लिए यह दिन बेहद अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि, राहुकाल का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। 18 मई को सूर्योदय 5 बजकर 29 मिनट पर होगा। सूर्यास्त शाम 7 बजकर 7 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर और चंद्रास्त शाम 9 बजकर 9 मिनट पर होगा। तिथि द्वितीया है, जो शाम 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगी।
इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। हालांकि, उदयातिथि (सूर्य उदय के समय जो तिथि हो) के अनुसार पूरे दिन द्वितीया का ही मान होगा। नक्षत्र रोहिणी सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लगेगा। वहीं, योग सुकर्मा शाम 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। रविवार को शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 6 मिनट से 4 बजकर 47 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 34 मिनट से 3 बजकर 29 मिनट तक अमृत काल सुबह 8 बजकर 44 मिनट से 10 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। अमृत सिद्धि योग सुबह 11 बजकर 32 मिनट से 19 मई की सुबह 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। खास बात है कि यह दिन विशेष रूप से शुभ है क्योंकि सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जो शुभ या नए कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का संयोग मिलने से नए काम शुरू करने, यात्रा करने और महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए यह दिन अनुकूल रहेगा। हालांकि, राहुकाल समेत अन्य अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी है। रविवार को राहुकाल सुबह 7 बजकर 11 मिनट से 8 बजकर 53 मिनट तक, यमगंड सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। वहीं, गुलिक काल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 42 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से 1 बजकर 39 मिनट तक और दोपहर 3 बजकर 29 मिनट से 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।


