_बारात में हुए विवाद के बाद युवक पर जानलेवा हमला, कांहीवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई_
सिवनी – थाना कांहीवाड़ा पुलिस ने ग्राम मेहरापिपरिया में युवक पर चाकू से प्राणघातक हमला करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक लोहे का चाकू एवं दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के निर्देशन में थाना कांहीवाड़ा पुलिस ने यह कार्रवाई की। वहीं एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
बारात में मजाक बना खूनी विवाद
पुलिस के अनुसार फरियादी राजेश उर्फ गोलू ऐरपाचे निवासी सिद्ध बाबा मोहल्ला जामुनटोला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 14 मई की रात अपने साथी सतीश उर्फ बब्बू कुंजाम निवासी लुंगसा के साथ ग्राम कटेगांव में बारात में शामिल होने गया था। इसी दौरान मजाक में गाली देने की बात को लेकर अज्जू नामक युवक और उसके साथियों से विवाद हो गया था, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने शांत करा दिया।
लेकिन वापस लौटते समय ग्राम मेहरापिपरिया बाजार चौक के पास दो मोटरसाइकिलों से आए चार युवकों ने उनकी बाइक रोक ली और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने चाकू निकालकर सतीश उर्फ बब्बू कुंजाम के पेट में जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक सड़क पर गिर पड़ा, जबकि फरियादी जान बचाकर मौके से भाग गया।
तीन दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
घटना के बाद डरे-सहमे फरियादी ने अपनी ससुराल में छिपकर जान बचाई और बाद में हिम्मत जुटाकर 17 मई को थाना कांहीवाड़ा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 156/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बारात में शामिल लोगों से पूछताछ की तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान थाना कुरई क्षेत्र के निवासियों के रूप में की। संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर चारों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू और दो मोटरसाइकिल जब्त कर ली हैं। मामले में धारा 25 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है। फिलहाल शिनाख्तगी कार्रवाई लंबित होने के कारण आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।


