33.7 C
Jabalpur
May 21, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

मणिपुर में कुकी-नागा तनाव के बीच चर्च नेताओं ने शांति पहल शुरू की



इंफाल, 18 मई मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब चर्च नेताओं ने शांति बहाली की बड़ी पहल शुरू की है। राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि चर्च नेताओं की सक्रिय भूमिका हालात को सामान्य बनाने में बेहद अहम साबित हो सकती है।

दरअसल, 13 मई को कांगपोकपी जिले के कोटलेन और कोटजिम गांवों के बीच जीरो प्वाइंट इलाके में अज्ञात उग्रवादियों ने फायरिंग कर दी थी। इस हमले में कुकी समुदाय से जुड़े तीन चर्च नेताओं की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद पहाड़ी जिलों में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव और बढ़ गया।



इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच नॉर्थ ईस्ट इंडिया के काउंसिल फॉर बैपटिस्ट चर्चेज (सीबीसीएनईआई) और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन (एमबीसी) के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। बैठक में राज्य के उपमुख्यमंत्री और प्रमुख नागा नेता लोसी डिखो भी मौजूद रहे।



मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी के मुताबिक, चर्च नेताओं ने दोनों समुदायों के बीच शांति दूत की भूमिका निभाने की इच्छा जताई और कहा कि वे सभी पक्षों से बातचीत कर हालात सामान्य बनाने की कोशिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे चर्च नेताओं के सहयोग और शांति प्रयासों से बेहद प्रभावित हैं।



सरकार ने चर्च नेताओं को दोनों समुदायों के बीच संवाद जारी रखने और लोगों के बीच भरोसा बहाल करने के लिए प्रोत्साहित किया है।



सीएमओ अधिकारी के अनुसार, शांति अभियान के तहत चर्च नेताओं की दो अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। एक टीम कांगपोकपी जिले जाएगी, जबकि दूसरी टीम सेनापति जिले का दौरा करेगी। चर्च नेताओं का मानना है कि दोनों पक्षों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को मानवीय आधार पर तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।



कांगपोकपी जाने वाली टीम मारे गए तीन चर्च नेताओं के परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करेगी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने का भी आश्वासन दिया है। इसके बाद टीम कुकी चर्च नेताओं के साथ बैठक कर तनाव कम करने और मेल-मिलाप की दिशा में बातचीत करेगी।



वहीं, सेनापति जिले जाने वाली दूसरी टीम नागा चर्च नेताओं और नागा सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मौजूदा हालात और बंधक संकट पर चर्चा करेगी।



इस बीच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 13 मई की हिंसा के बाद कांगपोकपी और सेनापति जिलों में दोनों समुदायों के 40 से अधिक लोगों को अलग-अलग समूहों ने बंधक बना लिया था। हालांकि प्रशासन, समुदाय के नेताओं और सिविल सोसायटी संगठनों के लगातार प्रयासों के बाद 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के 30 लोगों को रिहा कर दिया गया।

अन्य ख़बरें

इटली-भारत के संबंधों को अपग्रेड करते हुए हम स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा करते हैं:  पीएम मोदी

Newsdesk

मैंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी’, पुरानी आपत्तिजनक पोस्ट पर विवाद को लेकर सायोनी घोष का बयान

Newsdesk

प्रधानमंत्री मोदी को मिला एएफओ का सर्वोच्च ‘एग्रीकोला मेडल’ सम्मान

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading