लांजी/इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट के संग्रहाध्यक्ष डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार के नेतृत्व में दिनांक 19/5/26 को प्रातःकाल 6 बजे से दोपहर 3 बजे तक लांजी क्षेत्र के ऐतिहासिक पुरातात्विक महत्व का आकस्मिक निरीक्षण किया। लांजी के कोटेश्वर महादेव मंदिर प्रातःकाल पूजन-अर्चन, मंदिर परिसर क्षेत्र यत्र-तत्र खंडित भग्नावशेष का अवलोकन कर
जीर्णोद्धार करने,पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया जाए, लांजी किले के अंदर बने पुरातत्व संग्रहालय में रखी प्रतिमाओं को पीलर पर स्थापित कर, प्रतिमाओं के नाम, काल निर्धारित कर व्यवस्थित रुप से स्थापित करवाने तथा लांजी-किरनापुर क्षेत्र में बिखरे पुरातात्विक अवशेषों का संरक्षण पंजीयन, जो प्रतिमाओं को व्यवस्थित नहीं रखा जा सकता, उन्हें पुरातत्व संग्रहालय बालाघाट में पहुंचाने हेतु विस्तृत रुपरेखा तैयार की गई। तदोपरान्त इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय ने काली मंदिर, लंजिकाई मंदिर, लांजी किले में अवस्थित पुरातात्विक अवशेषों, किले के अंदर संग्रहित प्रतिमाओं का अवलोकन किया। आकस्मिक निरीक्षण दौरान डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार, डॉ.रामविजय शर्मा से.नि.तहसीलदार, इतिहासकार,
राजेन्द्र कुमार ब्रम्हे,से.नि.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नागपुर, दिनेश कुमार नेमा समाजविद्, उमेश सैय्याम, विजय कुमार, हिरेश वाग सहित अन्य उपस्थित थे।


