कोतवाली पुलिस ने भोपाल से 2 शातिर आरोपी दबोचे, BMW कार समेत 62 लाख की संपत्ति जब्त_
सिवनी – कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिवनी की कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेडिंग और ग्लोबल मार्केटिंग में निवेश कर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बीएमडब्ल्यू कार और महंगे मोबाइल फोन सहित लगभग 62 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 18 मई 2026 को फरियादी शिशांत सोनी सहित छह लोगों ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि भोपाल निवासी नितिन सोनी और ललित पुरोहित ने ग्लोबल मार्केटिंग एवं ट्रेडिंग में निवेश करने पर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। आरोपियों ने विश्वास में लेकर कुल 39 लाख 29 हजार रुपये की धोखाधड़ी की।
शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 356/2026 के तहत धारा 318(4) एवं 61(2) भारतीय न्याय संहिता में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर भोपाल रवाना किया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नितिन सोनी (44 वर्ष) निवासी नेहरू नगर, कमलानगर भोपाल एवं ललित पुरोहित (36 वर्ष) निवासी जाटखेड़ी, मिसरोद भोपाल को गिरफ्तार कर सिवनी लाया।
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। जांच में सामने आया कि आरोपी नितिन सोनी ने ठगी की रकम से एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार फाइनेंस कराई थी, जिसकी किस्तें जमा की जा रही थीं। पुलिस ने कार क्रमांक MP04 CY8566 सहित दो एंड्राइड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 62 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नितिन सोनी के पास पासपोर्ट मौजूद है और ठगी के बाद देश छोड़कर फरार होने की संभावना जताई जा रही थी। फिलहाल छह आवेदकों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है, जबकि भोपाल सहित अन्य क्षेत्रों में भी कई लोगों से ठगी किए जाने की आशंका है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों एवं चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है।
सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश तिवारी, उप निरीक्षक राजेश शर्मा, प्रधान आरक्षक मनोज पाल एवं महिला आरक्षक निशा दोनावट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


