जबलपुर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक पीड़ित ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अपहरण और मारपीट मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। पीड़ित का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में मुख्य षड्यंत्रकर्ता को अब तक आरोपी नहीं बनाया गया है।
जबलपुर के एसपी कार्यालय पहुंचे सतीश पाण्डे ने विजयनगर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 0194/2026 में राहुल दीक्षित को मुख्य आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर शिकायत सौंपी। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई।
पीड़ित के अनुसार 23 अप्रैल की शाम दीनदयाल क्षेत्र स्थित उनके कार्यालय के बाहर कुछ युवक खुद को क्राइम ब्रांच का कर्मचारी बताकर उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। आरोप है कि पाटन बायपास स्थित नीलकमल ढाबा के पास ले जाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनका पैर टूट गया और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने सोने की चेन, अंगूठियां और करीब 40 हजार रुपये भी लूट लिए। पीड़ित का कहना है कि सूरतलाई स्थित एक अनुबंधित प्लॉट को बेचने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था और डर पैदा करने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया।
सतीश पाण्डे ने आरोप लगाया कि राहुल दीक्षित प्रभावशाली लोगों से जुड़े होने के कारण जांच प्रभावित हो रही है और अब तक उनका नाम मामले में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कॉल डिटेल निकलवाकर निष्पक्ष जांच कराने और धारा 180 बीएनएसएस के तहत दर्ज बयान में सुधार कराने की मांग की है।
फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधिकारियों ने जांच का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।


