कोलकाता, 20 मई । तृणमूल कांग्रेस के चार बार के विधायक और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल कैबिनेट में पूर्व मंत्री, फिरहाद हकीम, जो अभी भी कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मेयर हैं, ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि निगम ने तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी के कथित स्वामित्व वाली या सह-स्वामित्व वाली संपत्तियों के खिलाफ जांच शुरू की है।खबरों के मुताबिक, केएमसी ने तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के स्वामित्व या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियों को केएमसी अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत नोटिस जारी किए हैं। ये संपत्तियां केएमसी के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। धारा 400(1) के तहत कथित तौर पर अवैध निर्माणों के मालिकों को नगर निगम अधिकारियों के समक्ष पेश होने और अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है।मेयर फिरहाद हकीम ने भी इस तरह के नोटिस जारी किए जाने के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया। हकीम ने बुधवार दोपहर मीडिया से बातचीत में कहा, “केएमसी अधिनियम के तहत, मैं केवल एक नीति निर्माता हूं। मुझे ऐसे नोटिसों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे इस घटनाक्रम के बारे में भी किसी ने सूचित नहीं किया था।”उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केएमसी आयुक्त को ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “मुझे इस मामले में किसी ने कुछ नहीं बताया था। केएमसी के मेयर का इस बात पर कोई प्रभाव नहीं हो सकता कि निगम के भवन विभाग ने किस मकान को गिराने का फैसला किया है। पद के नाते केएमसी कमिश्नर को ऐसे फैसले लेने का अधिकार है।”


