नासा एजुकेशनल टूर (यूएसए) के लिए हुआ चयन, कलेक्टर ने दी शुभकामनाऍ
बालाघाट जिले के वारासिवनी स्थित सांदीपनि विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्र मयंक मात्रे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ISSC 2026 (इंटरनेशनल स्पेस साइंस कॉम्पिटिशन) में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर जिले एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। कक्षा 12वीं गणित संकाय (अंग्रेजी माध्यम) के छात्र मयंक ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए “ग्रैंड विनर” का खिताब अपने नाम किया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मयंक की इस उपलब्धि पर शुभकामनाऍ प्रेषित की है। इसके साथ ही एसडीएम वारासिवनी कार्तिकेय जायसवाल, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के संचालक डॉ डी.एस. कुशवाह, सहायक संचालक डॉ रंजन शर्मा, सुरेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय सहित पीपुल्स ग्रुप सांदीपनि सेल भोपाल ने भी छात्र एवं विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं प्रेषित कीं हैं।
संस्था के प्राचार्य हुमराज पटले ने बताया कि यह प्रतियोगिता Go4Guru द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के स्कूल एवं कॉलेज के हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का प्रथम चरण 08 अप्रैल 2026 को आयोजित हुआ था, जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर केवल 17 छात्रों का चयन किया गया, जिसमें मयंक मात्रे ने ऑल् इंडिया रैंक – 05 स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता का अंतिम चरण 15 मई 2026 को लाइव ऑनलाइन टेस्ट के माध्यम से आयोजित किया गया। स्क्रीन शेयरिंग आधारित इस परीक्षा में मयंक मात्रे ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर “ग्रैंड विनर” बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं विद्यालय के छात्र प्रियांशु चौधरी, अश्मि बिसेन एवं उज्जवल बारमाटे ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ISSC 2026 में बेस्ट परफॉर्मर का स्थान प्राप्त किया।
इस शानदार उपलब्धि के तहत मयंक मात्रे का चयन फ्री नासा एजुकेशनल टूर (यूएसए) के लिए किया गया है, जो संभावित रूप से सितंबर 2026 में आयोजित होगा। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अमेरिका स्थित नासा कैनेडी स्पेस सेंटर, ओरलेण्डों इंटरनेशनल युनिवर्सिटी कैम्पस, थीम पार्क एवं डिजनी स्प्रिंग्स का भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही नासा के उपग्रह अनुसंधान केंद्र में उपग्रहों के निर्माण, संचालन, विकास एवं असेंबलिंग प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं से भी रूबरू कराया जाएगा। भ्रमण से पूर्व छात्र की पासपोर्ट एवं वीजा प्रक्रिया भी पूर्ण कराई जाएगी।


