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तेहरान, 26 मई । ईरानी मजलिस (संसद) की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी का कहना है कि अगर अमेरिका को अपना भरोसा बनाना है तो उसे पांच शर्तों पर हामी भरनी होगी।
सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी मे उनके हवाले से इसकी जानकारी दी गई। अजीजी की इन पांच शर्तों में संघर्ष पर पूर्ण विराम लगाने से लेकर दोबारा हमला न करने की गारंटी का उल्लेख है।
अजीजी ने कहा, “ईरान की मुख्य मांगों में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करना, दोबारा हमला न करने की गारंटी, नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, होर्मुज पर ईरानी सिस्टम को स्वीकार करना, ऑयल प्रतिबंध हटाना और ईरान की जब्त की प्रॉपर्टी वापस करना शामिल है।”
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल संघर्ष जल्दी खत्म करना चाहते थे, लेकिन ईरान के जवाब के बाद उन्हें संघर्षविराम और बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा।
अजीजी ने कहा कि अगर अमेरिका ये पांच शर्तें मानता है, तो आगे 30 और 60 दिनों की बातचीत के जरिए बाकी मुद्दों पर चर्चा मुमकिन है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और दोनों देशों के बीच मतभेद सिर्फ अस्थायी नहीं बल्कि काफी गहरे हैं।
अजीजी का ये बयान अमेरिका की ओर से मंगलवार सुबह होर्मुज में ईरानी बोट्स पर किए हमले के बाद सामने आया है। मेहर न्यूज एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया।
एक दिन पहले ही संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने भी कहा था कि ईरान दबाव और धमकियों के आगे कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मिलिट्री वॉर में हमारी पॉलिसी आंख के बदले आंख थी और डिप्लोमेसी लड़ाई में भी जवाब उसी तरह दिया जाएगा।”


