जिला कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक पर गंभीर आरोप, कार्यकर्ताओं में उबाल
बालाघाट। कांग्रेस पार्टी को जमीन से जोड़ने वाले कार्यकर्ता आज खुद को संगठन में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय uike और क्षेत्रीय विधायक अनुभl मुंजारे पर अब खुलेआम यह आरोप लगने लगे हैं कि पूरा संगठन कुछ खास लोगों के इर्द-गिर्द सीमित होकर रह गया है।
जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी में वर्षों तक मेहनत करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर केवल विधायक समर्थकों और निजी करीबी लोगों को ही लगातार पदों से नवाजा जा रहा है। ताजा मामला विधायक प्रतिनिधि निर्मल कालू सोनी को व्यापारी प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष बनाए जाने का है, जिसके बाद संगठन के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि हर महत्वपूर्ण पद उन्हीं लोगों को दिया जा रहा है जो पहले से किसी न किसी कुर्सी पर बैठे हैं? क्या कांग्रेस में योग्य और मेहनती कार्यकर्ताओं की कमी हो गई है?
शहर और जिले में लंबे समय से पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले सुरेश बागरेचा, सुरेश मालचंदानी, रवि सचदेवा, अनिल कसर, राजू बॉस विजय अग्रवाल धर्मेंद्र bopche संतोष baheswarऔर राकेश रामटेक जैसे अनेक कार्यकर्ता आज भी संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उनकी अनदेखी लगातार जारी है।
कांग्रेस के अंदर अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि जिन नेताओं को जनता कई चुनावों में नकार चुकी है, उन्हें बार-बार संगठन में बैठाकर आखिर किस राजनीति को साधा जा रहा है? कार्यकर्ताओं का कहना है कि लगातार चुनाव हारने वाले चेहरों को आगे बढ़ाना इस बात का संकेत है कि संगठन में जनाधार नहीं बल्कि “निजी नजदीकी” को प्राथमिकता दी जा रही है।
आम कांग्रेसियों का साफ कहना है कि यदि जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और विधायक इसी प्रकार संगठन को कुछ लोगों तक सीमित रखेंगे, तो आने वाले समय में कांग्रेस का जमीनी ढांचा पूरी तरह कमजोर हो जाएगा। कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और पार्टी के भीतर असंतोष अब खुलकर सड़कों तक पहुंचने लगा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन में संतुलन और सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की पहल नहीं की, तो बालाघाट में कांग्रेस के सामने भविष्य में बड़ा संगठनात्मक संकट खड़ा हो सकता है।


