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हर बारिश में जलभराव से बढ़ता खतरा
जबलपुर। शहर के मध्य स्थित सिविक सेंटर का दवा बाजार इन दिनों बदहाली और अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। जहां एक ओर यह क्षेत्र हजारों मरीजों, उनके परिजनों और दवा व्यापारियों की रोजमर्रा की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है, वहीं दूसरी ओर यहां की मूलभूत सुविधाओं की हालत चिंताजनक बनी हुई है। खुले नाले, बिना ढक्कन के चैंबर, बदबू और जलभराव जैसी समस्याओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
दवा बाजार में रोजाना बड़ी संख्या में लोग दवाइयां खरीदने पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार मरीज भी शामिल रहते हैं, लेकिन बाजार की सड़कों के किनारे कई स्थानों पर नालियां खुली पड़ी हैं और चैंबर बिना ढक्कन के खुले हुए हैं। ऐसे में हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कई बार लोग इन खुले चैंबरों में गिरते-गिरते बचे हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्वच्छता के दावों के बीच जमीनी हकीकत अलग
नगर निगम द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग और शहर की साफ-सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल दवा बाजार की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। बाजार में जगह-जगह गंदगी और नालियों से उठती बदबू लोगों को परेशान कर रही है। दवा खरीदने आए मरीजों और उनके परिजनों को भी इस असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नाली सफाई के बाद सड़क पर छोड़ दी गई सिल्ट
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले नालियों की सफाई तो करवाई गई, लेकिन निकाली गई सिल्ट को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। धीरे-धीरे यह सिल्ट पूरे रास्ते में फैल गई, जिससे आने-जाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धूल और गंदगी के कारण व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हर साल जलभराव, फिर भी स्थायी व्यवस्था नहीं
बारिश के मौसम में सिविक सेंटर का यह क्षेत्र जलप्लावन की गंभीर समस्या से जूझता है। थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें पानी से भर जाती हैं और दुकानों तक पानी पहुंचने लगता है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर निगम ने अब तक न तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था की और न ही नालियों का वैज्ञानिक तरीके से निर्माण कराया।
व्यापारियों और नागरिकों की मांग
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि दवा बाजार क्षेत्र में नालियों का व्यवस्थित निर्माण कराया जाए, खुले चैंबरों को तत्काल ढंका जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन गंभीरता से प्रयास करे तो इस क्षेत्र को बदबू और जलभराव की समस्या से राहत दिलाई जा सकती है।
शहर के प्रमुख दवा बाजार की यह बदहाल स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि स्मार्ट और स्वच्छ शहर के दावों के बीच अब भी कई जरूरी क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।


