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June 16, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

मेडिकल में आधी रात बिजली गुल, मरीजों में मची अफरा-तफरी

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर अंधेरे में डूब गया। घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। बिजली गुल होते ही मरीजों और उनके परिजनों में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अस्पताल परिसर में अंधेरा दिखाई दे रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली बंद होने से अस्पताल के कई वार्ड और गलियारे प्रभावित हुए। गर्मी बढ़ने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा और जनरल वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों के बाहर निकलने की भी जानकारी सामने आई। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि करीब 15 से 20 मिनट बाद स्थिति सामान्य हो सकी।

गंभीर मरीजों को लेकर बढ़ी चिंता

अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं, जिनमें कई गंभीर मरीज भी शामिल हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद परिजनों को विशेष रूप से उन मरीजों की चिंता सताने लगी जिनका उपचार विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की सहायता से किया जा रहा है। अचानक अंधेरा छाने से कुछ देर के लिए लोगों में घबराहट का माहौल बन गया।

बिजली विभाग ने मांगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज में बैकअप के लिए बड़े जनरेटर उपलब्ध हैं, ऐसे में यदि बिजली बाधित हुई थी तो जनरेटर व्यवस्था को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

प्रबंधन का दावा- किसी मरीज को नहीं हुई परेशानी

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने घटना को लेकर अलग पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि रात में शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मेडिकल कॉलेज में बैकअप के लिए सात जनरेटर लगाए गए हैं और उनमें पर्याप्त डीजल उपलब्ध था। उनके अनुसार बिजली जाते ही जनरेटर स्वतः चालू हो गए थे, जिससे अस्पताल की आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं।

डॉ. सक्सेना ने कहा कि किसी भी मरीज को परेशानी नहीं हुई और न ही कोई मरीज वार्ड से बाहर आया। हालांकि घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अंधेरा रहने के वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।

सवालों के घेरे में आपातकालीन व्यवस्था

घटना ने एक बार फिर बड़े सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन बिजली व्यवस्था और बैकअप सिस्टम की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रबंधन ने सभी व्यवस्थाएं सुचारू होने का दावा किया है, लेकिन मरीजों और उनके परिजनों द्वारा व्यक्त की गई परेशानियां जांच का विषय बनी हुई हैं।

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