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June 6, 2026
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दिल्ली सचिवालय से नई इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाई गई

नई दिल्ली, 5 जून। दिल्ली को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली सचिवालय से पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने नई ऐप-आधारित इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, पहले चरण में दिल्ली-एनसीआर में 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों की शुरुआत की गई है। साथ ही एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर दिल्ली-एनसीआर में 10,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों का संचालन शुरू करना है। इस अवसर पर जीएसएम के ग्लोबल सीईओ गुयेन वान थान्ह और विंग्रुप एशिया के सीईओ फाम सान्ह चाऊ भी मौजूद रहे। वियतनाम की कंपनी ग्रीन एसएम ने तमिलनाडु में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत में बड़ा विदेशी निवेश (एफडीआई) किया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए लगातार हरित पहलों को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर वृक्षारोपण, स्वच्छ तकनीकों का उपयोग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाना स्वस्थ दिल्ली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह नई टैक्सी सेवा भी इसी प्रयास का अहम हिस्सा है। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सचिवालय से इलेक्ट्रिक वाहन आधारित इस सेवा की शुरुआत राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, दिल्ली ईवी नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। मंत्री मनजिंदर सिरसा ने बताया कि ये इलेक्ट्रिक वाहन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मजबूत उदाहरण हैं। भारत में निर्मित ये वाहन देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और विनिर्माण शक्ति को प्रदर्शित करते हैं। सुरक्षा के लिहाज से इन टैक्सियों में अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इनमें एआई आधारित अंदर और बाहर की कैमरा निगरानी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और ड्राइवर व यात्रियों दोनों के लिए इमरजेंसी एसओएस बटन शामिल हैं। हर वाहन में सड़क, ड्राइवर और यात्री क्षेत्र की निगरानी के लिए अलग-अलग कैमरे लगाए गए हैं। मनजिंदर सिरसा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कंपनी भविष्य में अपने संचालन में महिला ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

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