मथुरा 10 जून आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने ही गुरु भाई रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वीकार किया है कि उन्होने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वानंद सरस्वती के खिलाफ फर्जी मुकदमे रामचंद्र दास के भारी दबाव और षड्यंत्र के तहत लगाये थे। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र भी भेजा है और कार्रवाई की मांग की है।सोशल मीडिया में जारी एक वीडियो के जरिये आशुतोष ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर रामचंद्र दास को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “ रामचंद्र दास हमारा ही गुरु भाई है, लेकिन यह कहते हुए भी मुझे दुर्भाग्य महसूस हो रहा है । गुरु के प्रति मेरा सम्मान आजीवन रहेगा लेकिन इस ढोंगी ने गुरु की हत्या करने का षड्यंत्र तक रचा। अविमुक्तेश्वरानन्द पर फर्जी मुकदमा लगवाने का जो षड्यंत्र था उसके लिए रामचंद्र दास ने मुझ पर दबाव बनाया था और मुझे गुमराह किया था ।इस खेल में कई अधिकारी भी लिप्त हैं।”
आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि मथुरा में श्री देव बाबा जी का आश्रम जो श्रवण समाज के ट्रस्ट के अधीन है उसको हड़पने के लिए रामचंद्र दास ने एक फर्जी वसीयत तैयार की और सिविल सूट दाखिल कर आश्रम पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया कि इस फर्जी वाले के खिलाफ और वसीयत बनाने वाले व्यक्ति ने खुद शिकायत की है।उन्होंने कहा कि इस फर्जीबाड़े के खिलाफ अब वसीयत बनाने वाले व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने ऐलान किया है कि अगर पुलिस इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो वह न्याय के लिए माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे।वायरल वीडियो में खुद को पीड़ित बताते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया और उन्हें बर्बाद करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उनके पास रामचंद्र दास के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सत्य की लड़ाई लड़ेंगे ,चाहे सामने कोई भी हो।सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए ऐलान किया है कि यदि भविष्य में उनके गुरु की हत्या होती है तो उसका एकमात्र जिम्मेदार रामचंद्र दास ही होगा। इस बड़े कबूलनामेके बाद मथुरा पुलिस और धार्मिक स्थानों में हड़कंप बच गया है और सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।


