मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)| मंगलवार को एक विशेष अदालत ने ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत के मामले में गिरफ्तार बुकी और बर्खास्त पुलिसकर्मी को 7 अप्रैल तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया। दोनों – बर्खास्त पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और क्रिकेट बुकी नरेश गौड़ को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। शिंदे फिलहाल पैरोल पर हैं। बाद में इस मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 24 मार्च को सौंप दिया गया था।
10 दिन की अतिरिक्त हिरासत की मांग करते हुए एनआईए के विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंसाल्वेस ने कहा कि जांच एजेंसी ने दो मोबाइल, एक आईफोन, 7 सिम कार्ड, सिम कार्ड का एक खाली कवर, 14 मोबाइल नंबरों के साथ एक नोट जब्त किया है। इन नंबरों में मुख्य अभियुक्त सचिन वाजे का भी नाम है और उस नोट में उनके नंबर के आगे ‘ओके’ लिखा हुआ है।
उन्होंने कहा कि गौड़ ने सह-अभियुक्त शिंदे को ये 5 नंबर दिए थे। शिंदे ने ये नंबर वाजे को दिए और बाद में इन नंबरों का इस्तेमाल 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास एसयूवी स्कॉर्पियो से जुड़े षड्यंत्र और अपराध के लिए किया गया था। साथ ही 5 मार्च को हिरेन की मौत से भी जुड़े मामले में भी इनका इस्तेमाल हुआ था।
गोंसाल्वेस ने तर्क दिया कि जब साजिश रची गई थी तब वाजे और शिंदे मौजूद थे। गौड़ के खुलासे के बाद एनआईए ने रविवार (28 मार्च) को मिथि नदी से एक लैपटॉप, डीवीआर और अन्य सामग्री बरामद की।
बहरहाल, मामले में मुख्य आरोपी वाजे फिलहाल 3 अप्रैल तक एनआईए की हिरासत में हैं।


