जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के क्षेत्रीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी.पी. पाठक ने कहा कि संगठन सभी वर्गों के कर्मचारियों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने मांग की कि संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए, संविदा नीति-2023 सभी विद्युत कंपनियों में लागू की जाए, आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिले तथा 2012 के पूर्व के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। साथ ही पेंशनर्स को धारा-49 से मुक्ति देकर केंद्र के समान महंगाई भत्ता, राहत और परिवार पेंशन राहत देने तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग भी रखी।
पाठक ने बताया कि बिजली क्षेत्र में 51 हजार से अधिक नियमित पदों के सृजन की स्वीकृति मिली है, जो पूरे सेक्टर के लिए नई ऊर्जा का कार्य करेगी। उन्होंने कैशलेस बीमा योजना और नए फ्रिंज बेनिफिट्स की जानकारी भी दी।
सम्मेलन में फेडरेशन के क्षेत्रीय सचिव पंडित उमाशंकर दुबे को अखाड़ा परिषद द्वारा महंत की उपाधि मिलने पर शाल, श्रीफल और सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता यू.के. पाठक ने की। दिनेश दुबे, अनूप वर्मा, अवनीश तिवारी एवं विजय तिवारी किसलय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में एस.के. शर्मा, सतीश गुप्ता, केदारनाथ ब्रिजपुरिया, रंजीत सेन, आर.के. परोहा, मोहित पटेल, हामिद खान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन दिनेश दुबे एवं आभार प्रदर्शन मोहन श्रीवास ने किया।


