June 24, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

पागल लंगूर के आतंक से सहमा ओशो आश्रम, तीन लोग घायल

जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र स्थित देवताल के समीप शैलपर्ण उद्यान के पास बने ओशो आश्रम में एक आक्रामक काले मुंह वाले लंगूर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले तीन-चार दिनों से लंगूर आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्र में उत्पात मचा रहा है तथा अब तक तीन लोगों को घायल कर चुका है। लगातार हो रहे हमलों के कारण आश्रम के साधकों, कर्मचारियों और क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। आश्रम प्रबंधन के अनुसार लंगूर बिना किसी उकसावे के लोगों पर हमला कर देता है और उन्हें दौड़ाने लगता है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि आश्रम में रहने वाले लोग अकेले बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। वहीं शैलपर्ण उद्यान में सुबह-शाम टहलने आने वाले नागरिक और पर्यटक भी भयभीत हैं।
मामले की सूचना मिलने पर आश्रम प्रबंधन ने वन विभाग के रेस्क्यू दल से मदद मांगी, लेकिन वहां से इसे नगर निगम का विषय बताते हुए पल्ला झाड़ लिया गया। दूसरी ओर नगर निगम ने भी जिम्मेदारी वन विभाग पर डाल दी। परिणामस्वरूप लंगूर खुलेआम लोगों पर हमला करता रहा और दोनों विभाग अधिकार क्षेत्र की बहस में उलझे रहे। स्थानीय नागरिकों और आश्रम प्रबंधन ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते लंगूर को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी वन्यजीव के असामान्य और आक्रामक व्यवहार की स्थिति में तत्काल रेस्क्यू और चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक होता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि तीन लोगों के घायल होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? लोगों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में आखिर जिम्मेदारी किस विभाग की है? क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तत्काल संयुक्त कार्रवाई कर लोगों को राहत दिलानी चाहिए।

अन्य ख़बरें

4 करोड़ से अधिक की आर्थिक क्षति और 20 लाख के गबन मामले में तत्कालीन सहकारी निरीक्षक के खिलाफ 3500 पन्नों का चालान पेश

Newsdesk

 जन्मदिन की रात लापता हुई युवती की रेत में दफन मिली लाश

Newsdesk

जबलपुर एयरपोर्ट को मिलेगा वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम, मुख्यमंत्री मोहन यादव की बड़ी घोषणा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading