23.5 C
Jabalpur
September 12, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

पश्चिम बंगाल में लागू होगा यूसीसी बिल, 4 बीवी और 14 बच्चों पर लगेगी रोक: समिक भट्टाचार्य

कोलकाता, 29 जून । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सोमवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पेश करने वाले हैं। इस विधेयक के आने के बाद शादी, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे समेत कई नियमों में बदलाव होगा और यह सबके लिए एक समान होगा। यूसीसी बिल पेश होने से पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने कहा, ‘यूसीसी बिल पर सरकार पूरी प्रक्रिया को फॉलो कर रही है। भाजपा का इस मामले में क्लीयर स्टैंड रहा है। जनजातीय समुदाय यूसीसी बिल से बाहर रहेंगे। इसका काम सरकार को पता है और सरकार अपना काम करेगी।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जैसे ही यूसीसी की सरकार बनी, उसी समय सबको पता चल गया था कि अब यूसीसी बिल आने वाला है। पश्चिम बंगाल में पहले पार्टी और सरकार एक ही थी, लेकिन अब पार्टी अपना काम देख रही है और सरकार अपना काम देख रही है।

हमारा कोई भी एजेंडा छुपा हुआ नहीं होता है सबको हर चीज की जानकारी होती है।समिक भट्टाचार्य ने कहा कि हमारे यहां मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हर बात क्लियर बताई जाती है, पहले की सरकार की तरह एक ही आदमी फैसला नहीं कर लेता है। पश्चिम बंगाल में जल्द यूसीसी लागू होगा। जनजातीय समुदाय इससे बाहर रहेंगे। केंद्र सरकार की जो कल्याणकारी योजना है, उसे लागू करना है, इसमें कोई शक नहीं है।उन्होंने कहा कि चार बीवी, 14 बच्चों पर रोक लगेगी। इस पर भी सरकार ध्यान दे रही है आने वाले समय में बहुत कुछ होने वाला है।बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में इसे शामिल किया था। जिसमें वादा किया गया था कि सरकार बनने के 6 महीने के अंदर ही राज्य में यूसीसी बिल आएगा। ऐसे में अब सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। गुजरात, उत्तराखंड और असम के बाद अब पश्चिम बंगाल में यह बिल आ रहा है।

अन्य ख़बरें

विमेंस एशिया कप: पाकिस्तान को हराकर श्रीलंका ने कटाया फाइनल का टिकट, खिताबी मुकाबले में भारत से भिड़ंत

Newsdesk

धान में कीट प्रकोप बढ़ा, जैविक कीटनाशकों से करें फसल की सुरक्षा

Newsdesk

खुशियों की दास्ता

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading