जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार को परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बीपीएड चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा निकिता रजक ने रीचेकिंग के बाद भी अंक नहीं बढ़ने से नाराज होकर कुलगुरू प्रो. राजेश कुमार वर्मा की कार के सामने खड़े होकर उनका रास्ता रोक दिया। स्थिति ऐसी बनी कि कुलगुरू को अपनी गाड़ी वापस मोड़कर दूसरे मार्ग से निकलना पड़ा।
लालमाटी निवासी निकिता रजक का आरोप है कि ‘स्पोर्ट्स मैनेजमेंट’ विषय में उसे अपेक्षा से कम अंक दिए गए। पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) कराने के बाद भी उसके अंक यथावत रहे। छात्रा का दावा है कि उत्तरपुस्तिका देखने के दौरान बनाए गए वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है कि दो प्रश्नों का मूल्यांकन ही नहीं किया गया, फिर भी रीचेकिंग में कोई सुधार नहीं हुआ। छात्रा ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
बुधवार को जब कुलगुरू परिसर से बाहर निकल रहे थे, तभी छात्रा उनकी कार के सामने खड़ी हो गई और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद शिक्षकों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह जांच की मांग पर अड़ी रही। इसके बाद कुलगुरू को दूसरे रास्ते से निकलना पड़ा।
इधर, छात्रा के समर्थन में एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री के जबलपुर दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी। एनएसयूआई प्रभारी अचल नाथ के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर प्रदर्शन को रोक दिया।
अचल नाथ ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों की गड़बड़ियों को लेकर कई महीनों से प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की अनदेखी के कारण ही विरोध की स्थिति बनी है।


