जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के तकनीकी कर्मचारियों के लिए 38 वर्षों बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर खुशी से अधिक पीड़ा का माहौल है। तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 1988 के बाद पहली बार वर्ष 2026 में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस लंबे अंतराल में करीब 90 प्रतिशत तकनीकी कर्मचारी बिना किसी पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2000 से लगातार पदोन्नति की मांग को लेकर प्रशासन को सैकड़ों ज्ञापन और पत्र सौंपे गए, लेकिन वर्षों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब विभाग में नियमित तकनीकी कर्मचारियों की संख्या लगभग 10 प्रतिशत ही बची है, तब पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई है।
संघ का कहना है कि लंबे समय तक पदोन्नति नहीं मिलने से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ और उनके करियर की प्रगति भी बाधित रही। संगठन ने मांग की है कि सेवा में कार्यरत शेष तकनीकी कर्मचारियों को बिना किसी देरी के पदोन्नति का लाभ दिया जाए, ताकि उन्हें उनके अधिकारों और सेवा का उचित प्रतिफल मिल सके।
इस संबंध में संघ के शंभूनाथ सिंह, रामकेवल यादव, असलम खान, बी.पी. सिंह, वैदेही शरण, अजय मिश्रा, रामायण मिश्रा, मकसूद खान, अमीन अंसारी, अजय तोमर, एस.के. मौर्य, के.एन. लोखंडे, मोहन दुबे, दशरथ शर्मा, शशि उपाध्याय, अजय कश्यप, राजकुमार सैनी, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, इंद्रपाल सिंह और मोतीलाल बुनकर सहित अन्य पदाधिकारियों ने वर्षों की देरी पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शेष कर्मचारियों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है।


