जबलपुर। शहर के मध्य स्थित बलदेवबाग, आगा चौक, निवाड़गंज, चेरीताल, दमोहनाका और उखरी रोड क्षेत्र में संचालित ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को नगर निगम और पुलिस द्वारा यातायात बाधित होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। ट्रांसपोर्ट व्यापारी शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका कहना है कि पहले चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में पात्र व्यापारियों को प्लॉट आवंटित किए जाएं।
जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्निक एसोसिएशन का दावा है कि ट्रांसपोर्ट नगर में वर्तमान में 174 भूखंड खाली हैं, जिनमें करीब 90 प्लॉट 34 वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि 84 गैर-ट्रांसपोर्टरों के प्लॉट वर्ष 2013 में निरस्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद नए आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि कई भूखंडों पर गैर-व्यवसायियों ने कब्जा कर गोदाम बनाकर किराए पर दे रखे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है।
एसोसिएशन ने बताया कि 18 नवंबर 2023 को उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद दावों के आवेदन लिए गए थे, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका। वहीं 24 जनवरी 2025 को नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने भी नगर निगम को सभी पात्र ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के लिए समान और पारदर्शी आवंटन नीति बनाने के निर्देश दिए थे।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि संपदा विभाग के कुछ अधिकारी पहले जिन भूखंडों को गैर-व्यावसायिक उपयोग में चिह्नित कर चुके थे, अब उन्हीं की लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच कर पात्र ट्रांसपोर्टरों को शीघ्र भूखंड आवंटित करने की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि ट्रांसपोर्ट नगर की लंबित समस्याओं का समाधान कर प्लॉट आवंटित कर दिए जाएं तो शहर के बीच संचालित ट्रांसपोर्ट कारोबार को व्यवस्थित रूप से वहां स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे शहर में रोज लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से भी राहत मिलेगी।


