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September 10, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

पटना में पूर्व मुखिया का संदिग्ध हालात में शव मिला, हत्या का आरोप; लोगों ने किया प्रदर्शन


पटना, 10 जुलाई । बिहार की राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में शुक्रवार सुबह राहू पंचायत के पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक ट्यूबवेल के पास मिला। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

पुलिस के मुताबिक, सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने ट्यूबवेल के पास शव पड़ा देखा और इसकी सूचना बिहटा थाना पुलिस तथा मृतक के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच के लिए पटना से फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी बुलाई गई है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी है।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि संजय कुमार यादव की हत्या की गई और बाद में सबूत मिटाने के इरादे से शव को खेत के पास फेंक दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने बताया कि संजय कुमार यादव के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई मामलों में फरार भी चल रहे थे। जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि उनकी मौत का इन मामलों से कोई संबंध है या नहीं। साथ ही अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

शव मिलने की खबर के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिक्रम-बिहटा मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने आगजनी भी की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि फिलहाल मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

थाना प्रभारी ने कहा, “घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पटना एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। यह हत्या का मामला है या कुछ और, इसकी सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। संजय कुमार यादव के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई मामलों में फरार थे।”

पुलिस ने फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूर्व मुखिया की मौत के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है। एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।

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