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September 9, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

23 साल बाद हाईकोर्ट में याचिका और सख्त रुख के बाद

अनूपपुर जिला न्यायालय भवन के लिए 44.85 करोड़ स्वीकृत
पक्षकारों को मिलेगी सुविधाएं, न्यायिक अधिकारियों के आवास की समस्या भी होगी दूर, अधिवक्ता चटर्जी व पांडे ने जताया आभार
अनूपपुर। जिला बनने के करीब 23 साल बाद आखिरकार अनूपपुर जिला न्यायालय भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश शासन ने जिला न्यायालय भवन के निर्माण के लिए मंगलवार को 44.85 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। लंबे समय से बजट की मांग को लेकर चल रही कवायद और शासन स्तर पर लगातार मिल रहे आश्वासनों के बाद मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। जबलपुर हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से राशि स्वीकृत करने की सहमति जताई गई थी। इसके बाद अब प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। वहीं अब सोशल मिडिया में नेताओं में श्रेय लेने की होड मच मई हैं।
घोषणा होती रही, बजट का इंतजार चलता रहा
अनूपपुर को वर्ष 2003 में जिला बनाया गया था। इसके बाद से ही जिला न्यायालय के लिए स्वतंत्र और सुविधायुक्त भवन तथा न्यायिक अधिकारियों के आवास की मांग उठती रही। मुख्यमंत्री के जिले में प्रवास के दौरान भी न्यायालय भवन को लेकर घोषणा की गई। विधायकों ने विधानसभा में सवाल उठाए और जिला न्यायालय अधिवक्ता संघ ने भी कई बार ज्ञापन देकर शासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके बावजूद वर्षों तक निर्माण के लिए बजट जारी नहीं हो सका।
वर्तमान व्यवस्था में न्यायालय आने वाले पक्षकारों और अधिवक्ताओं को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। न्यायिक अधिकारियों के आवास की समस्या भी बनी हुई थी। ऐसे में न्यायालय भवन की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी।
एक साल तक जवाब नहीं मिला तो हाईकोर्ट पहुंचे
लगातार मांग के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से वरिष्ठ अधिवक्ता बासुदेव चटर्जी ने अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे के माध्यम से जबलपुर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही सभी अनावेदकों को नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद करीब एक वर्ष तक जवाब और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की 28 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में डबल बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए मध्यप्रदेश शासन के विधि सचिव को 3 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए। शासन के अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश के बाद मामले में तेजी आई और न्यायालय निर्माण के लिए बजट स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
रोजाना हजारों पक्षकार, बैठने तक की जगह नहीं
अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे ने बताया कि जिला न्यायालय में प्रतिदिन हजारों पक्षकार अपने मामलों की सुनवाई के लिए पहुंचते हैं, लेकिन वर्तमान परिसर में उनके बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास की सुविधा का भी अभाव है। अधिवक्ताओं के लिए भी केवल एक कक्ष उपलब्ध है, जहां सीमित जगह में किसी तरह काम करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय भवन के लिए लंबे समय से केवल घोषणा और आश्वासन मिलते रहे। जब शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण लेना जरूरी हो गया।
अब आधुनिक भवन की उम्मीद
44.85 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अनूपपुर में जिला न्यायालय के लिए नए और सुविधायुक्त भवन के निर्माण की उम्मीद मजबूत हुई है। नए भवन से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ न्यायिक कार्यों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध होने की संभावना है। लंबे समय से चली आ रही मांग के पूरा होने से जिले के न्यायिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

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