जबलपुर। श्री जगदीश मंदिर–गणेश मंदिर लोक न्यास द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की ऐतिहासिक रथयात्रा इस वर्ष 259वें वर्ष में निकाली जाएगी। विगत 258 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत भगवान पुष्पों से सुसज्जित भव्य रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवसर पर जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु परिवार सहित शामिल होते हैं।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 16 जुलाई (गुरुवार) को आयोजित होने वाले कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे ग्राम बम्होरी से आए श्रीकृष्ण भजन संकीर्तन मंडली के प्रमुख रजनीश गौतम द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी के मधुर भजनों से होगी। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे संस्कारधानी के गणमान्य नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं साधु-संतों की उपस्थिति में भगवान का पूजन-अर्चन किया जाएगा।
पूजन के उपरांत श्री चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन मंडल, जाबालिपुरम की अगुवाई में भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा प्रारंभ होगी। रथयात्रा जगदीश मंदिर से निकलकर दुर्गा चौक, गुप्ता कॉलोनी, गढ़ाफाटक, शंकर की भंडार, पड़ाव, सब्जी मंडी, बड़ा फुहारा, मिलौनीगंज और मन्नूलाल की गली से होते हुए पड़ाव हनुमान अखाड़ा पहुंचेगी, जहां भगवान का विश्राम होगा।
17 जुलाई से 26 जुलाई तक दस दिवसीय विश्राम अवधि में प्रतिदिन सुबह 8 बजे हनुमान अखाड़ा में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 26 जुलाई को शाम 4 बजे भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा हनुमान अखाड़ा से पुनः जगदीश मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी।
इस आयोजन को सफल बनाने में श्री जगदीश–गणेश मंदिर लोक न्यास पब्लिक ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी लाल ज्ञानेंद्र सिंह बघेल, न्यासी राजकुमार साहू, प्रबंधक मोहित तिवारी, मंदिर पुजारी पं. देवेंद्र त्रिपाठी, संकीर्तनाचार्य पं. मनमोहन दुबे तथा संयोजक देवेंद्र नेमा, अतुल कुमार पटेल, मोहित कुमार पटेल और सत्यप्रकाश नामदेव सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं एवं मातृशक्ति से भगवान जगन्नाथ स्वामी की इस ऐतिहासिक रथयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।


