डेढ़ महीने पहले दी गई शिकायत पर आज तक अपराध दर्ज नहीं, एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
बरघाट (सिवनी)। बरघाट अनुभाग के अरी थाना क्षेत्र में कथित धर्मांतरण की शिकायत को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामले में शिकायत मिलने के बावजूद आरोपियों के विरुद्ध आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके विपरीत, शिकायत करने वाले पक्ष के लोगों को ही नोटिस जारी कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को संगठन ने न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
विश्व हिंदू परिषद द्वारा एसडीओपी बरघाट को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, ग्राम दोदेवाड़ा निवासी रामप्रसाद चौधरी ने 17 मई 2026 को अरी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी कि उनकी बहू को गांव की अनुसुइया कोमलवार, उसकी बेटी नीलिमा मेश्राम तथा दामाद द्वारा कथित रूप से ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार प्रलोभन दिया जा रहा था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि धर्म परिवर्तन करने पर बीमारी ठीक होने, पारिवारिक परेशानियां समाप्त होने तथा हर महीने दो हजार रुपये आर्थिक सहायता देने का लालच दिया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि सूचना मिलने पर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कथित रूप से ईसा मसीह की तस्वीर के सामने धार्मिक गतिविधियां चल रही थीं।
धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद ने ज्ञापन में कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रलोभन, दबाव अथवा किसी अन्य माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है तो यह मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। संगठन का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने आज तक संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की।
FIR नहीं, उल्टा शिकायतकर्ता पक्ष को नोटिस
ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि जहां धर्मांतरण के आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज होना चाहिए था, वहीं 29 जून 2026 को एसडीओपी कार्यालय द्वारा शिकायतकर्ता रामप्रसाद चौधरी सहित पीड़ित पक्ष के लोगों को धारा 179 बीएनएसएस के तहत नोटिस जारी कर दिया गया। विश्व हिंदू परिषद ने इसे पीड़ित पक्ष के साथ अन्याय बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि—
धर्मांतरण की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
शिकायतकर्ता पक्ष को अनावश्यक रूप से परेशान करना बंद किया जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो संगठन धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल तथा व्यापक जनआंदोलन करेगा। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
> नोट: यह समाचार विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा पुलिस को सौंपे गए ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष एवं पुलिस का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।


