गांधीनगर,गुजरात सरकार ने शुक्रवार को नौ नवगठित नगर निगमों को आवश्यक नागरिक अवसंरचना विकसित करने में सहायता के लिए पांच वर्षों के लिए मुफ्त सरकारी भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा लिया गया यह निर्णय मेहसाना, नाडियाड, आनंद, नवसारी, वापी, मोरबी, गांधीधाम, सुरेंद्रनगर और पोरबंदर के नगर निगमों पर लागू होता है।सरकार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों को मजबूत करना और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के विस्तार के साथ-साथ उन्हें बुनियादी नागरिक सेवाएं अधिक कुशलता से प्रदान करने में सक्षम बनाना है।इस निर्णय के तहत नगर निगमों को शहरी विकास के लिए आवश्यक माने जाने वाले 11 श्रेणियों की सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाओं के निर्माण के लिए सरकारी भूमि निःशुल्क प्राप्त होगी। यह लाभ अगले पांच वर्षों तक उपलब्ध रहेगा।
इस योजना के अंतर्गत पात्र परियोजनाओं में नगर सेवा सदन के कार्यालय भवन, अग्निशमन केंद्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल शोधन संयंत्र, भूमिगत सीवरेज नेटवर्क, पंपिंग स्टेशन, जल आपूर्ति अवसंरचना, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र, वर्षा जल निकासी व्यवस्था, बालवाड़ी (आंगनवाड़ी) और टाउन हॉल, सामुदायिक हॉल और सम्मेलन केंद्र जैसे सार्वजनिक भवन शामिल पिछले वर्ष 1 जनवरी को गुजरात मंत्रिमंडल द्वारा नौ ‘ए’ श्रेणी की नगरपालिकाओं के उन्नयन को मंजूरी देने के बाद नौ नगर निगमों का गठन किया गया था। यह 2010 में गांधीनगर नगर निगम के गठन के बाद 14 वर्षों में राज्य में नगर निगमों का पहला विस्तार था।इस कदम से गुजरात में नगर निगमों की कुल संख्या आठ से बढ़कर 17 हो गई।
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