July 20, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

प्राइवेट स्पेस सेक्टर में इतिहास रचने को तैयार भारत, पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ होगा लॉन्च

नई दिल्ली, हैदराबाद स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस शनिवार को अपने पहले कक्षीय प्रक्षेपण यान ‘विक्रम-1’ के प्रक्षेपण के साथ भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की ओर अग्रसर है। ‘आगमन’ नामक इस मिशन का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-एसएचएआर) के प्रथम प्रक्षेपण पैड से शनिवार सुबह 11:30 बजे निर्धारित है। विक्रम-1 की इस परीक्षण उड़ान के साथ भारत के वैश्विक निजी कक्षीय प्रक्षेपण बाजार में प्रवेश की उम्मीद है। पूरी तरह एक भारतीय निजी कंपनी द्वारा विकसित विक्रम-1 देश का पहला निजी निर्मित कक्षीय प्रक्षेपण यान है। इसे भारत की वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रक्षेपण से पहले स्काईरूट एयरोस्पेस ने कहा कि मिशन के लिए आवश्यक सभी हवाई और समुद्री क्षेत्र से जुड़ी अनुमतियां प्राप्त कर ली गई हैं। रॉकेट के उड़ान मार्ग और संभावित प्रभाव क्षेत्र के अनुरूप प्रतिबंधित हवाई तथा समुद्री क्षेत्रों को भी अधिसूचित कर दिया गया है।मिशन ‘आगमन’ 18 नवंबर, 2022 को विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस का दूसरा अंतरिक्ष मिशन होगा।इस मिशन के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तलिखित ‘वंदे मातरम’ संदेश वाला एक पोस्टकार्ड भी विक्रम-1 प्रक्षेपण यान के साथ भेजा जाएगा। स्काईरूट एयरोस्पेस के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह हस्तलिखित संदेश परीक्षण उड़ान में शामिल विशेष पेलोडों में से एक होगा।

 

 

 

अन्य ख़बरें

हनुमान बेनीवाल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और संसद मार्च को दिया समर्थन

Newsdesk

1 सितंबर से सभी सरकारी विभागों में बंगाली भाषा अनिवार्य: सुवेंदु अधिकारी

Newsdesk

वन्नियार संगम की स्थापना ने तमिलनाडु के सामाजिक न्याय के इतिहास में एक खास जगह बनाई: अंबुमणि रामदास

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading