नई दिल्ली, 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय को औपचारिक मंजूरी दे दी है।लोकसभा सचिवालय से सभी छह सांसदों को मंजूरी मिल गई है, मतलब यह है कि उद्धव गुट के सांसदों का शिंदे गुट में विलय मान्य हो गया है। इस तरह से शिवसेना शिंदे गुट के लोकसभा में कुल 13 सांसद हो गए हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के बागी 20 सांसद जो कि एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं, उन्हें भी अलग बैठने की अनुमति मिल गई है।पिछले महीने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम दिया, जिसके तहत उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में फूट पड़ गई। यूबीटी गुट के छह लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल हो गए।छह बागी सांसदों में ओमप्रकाश भूपालसिंह उर्फ ओमराजे निंबालकर (धाराशिव/उस्मानाबाद), नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी), संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम), भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी) और संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व) शामिल हैं।


