सिवनी – स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील।युवा अवस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। इसी समय व्यक्ति अपने सपनों को साकार करने और भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास करता है। ऐसे में यदि युवा किसी भी प्रकार के नशे की लत का शिकार हो जाए, तो उसका भविष्य संकट में पड़ सकता है। इसी उद्देश्य से “नशे से दूरी है ज़रूरी” विषय पर जागरूकता संदेश देते हुए विद्यार्थियों और युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि शराब, तंबाकू, सिगरेट, गुटखा, बीड़ी, ई-सिगरेट, गांजा, अफीम, चरस तथा अन्य मादक पदार्थों का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह परिवार, समाज और देश के विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, पढ़ाई में रुचि और एकाग्रता कम हो जाती है, आर्थिक नुकसान होता है तथा परिवार में तनाव बढ़ता है। इसके अलावा नशे के कारण अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और कई बार मानसिक अवसाद जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आती हैं।
विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे गलत संगति से बचें, किसी के दबाव में आकर नशा न करें तथा खेल, योग, संगीत, पुस्तक पढ़ने और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में अपना समय लगाएं। यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से खुलकर चर्चा करें। साथ ही सोशल मीडिया और फिल्मों में दिखाई जाने वाली नशे की झूठी चमक-दमक से प्रभावित न होने की भी अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए स्वयं किसी भी प्रकार का नशा न करने तथा अपने परिवार और मित्रों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प दोहराया।


