इंदौर, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ करते हुए कहा कि अगर पार्टी को जरूरी लगता, तो उन्होंने छात्र विरोध प्रदर्शनों के पहले दिन ही इस्तीफा देने की पेशकश की थी। मीडिया से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की और आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी बल्कि उन्होंने बस इस स्थिति का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की।उन्होंने कहा, “अगर किसी पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हो और कांग्रेस उस पर ढोल बजाने लगे, तो असल में उनकी क्या भूमिका रही? आंदोलन तो छात्रों ने शुरू किया था और कांग्रेस बस उनके पीछे खड़ी रही क्योंकि बंगाल चुनावों के बाद विपक्ष का मनोबल पूरी तरह टूट चुका था।”
आंदोलन के पहले ही दिन से उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कहा था, ‘अगर आपको लगता है कि मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए, तो मैं दे दूंगा।’ हालांकि, पार्टी अध्यक्ष ने उनसे कहा कि फैसला उचित चर्चा के बाद लिया जाएगा। जब स्थिति बदली, तो उन्होंने कुछ ही मिनटों में अपना इस्तीफा सौंप दिया।”विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की योजनाओं को नाकाम कर दिया जो उनके अनुसार भारत में अशांति फैलाना चाहती थीं।


