किशनगंज, 26 जुलाई (। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सिर्फ कानून बनाना ही नहीं, बल्कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना भी जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।
कमरुल होदा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले पूरे मामले की जानकारी सामने आनी चाहिए। यदि प्रदर्शनकारियों को जेल भेजा जाता है तो यह सवाल उठता है कि संविधान द्वारा दिए गए विरोध के अधिकार का सम्मान होना चाहिए। हालांकि विरोध के दौरान मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रदर्शन के समय अभद्र भाषा, हिंसा या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।”
बहादुरगंज में हाल ही में हुई हिंसक घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा, “यदि युवा सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं या प्रशासन पर हमला करते हैं तो इससे आंदोलन का उद्देश्य कमजोर होता है और समाज में गलत संदेश जाता है। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना ही सबसे प्रभावी माध्यम है।”
पेपर लीक के मुद्दे पर कमरुल होदा ने कहा, “सरकार को बेहद सख्त कानून लाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। एक छात्र और उसका परिवार वर्षों तक कठिन मेहनत और आर्थिक त्याग के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं। देशभर के छात्रों ने लगातार धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की है और उनकी इस लड़ाई को सलाम किया जाना चाहिए।”
उन्होंने विश्वास जताया कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
तेज प्रताप यादव की हिरासत पर उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। किस आधार पर कार्रवाई की गई और कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं, इसकी जानकारी मिलने के बाद ही विस्तृत प्रतिक्रिया देना उचित होगा।
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