भोपाल, 5 अप्रैल (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में इन दिनों राष्ट्रीय उद्यानों में आग लगने की घटनाओं में अनायास तेजी आ गई है। आग की घटनाओं में अचानक हुई बढ़ोतरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्या यह वाकई में कोई हादसा है या किसी साजिश का हिस्सा है।
आमतौर पर गर्मी की शुरूआत होते ही सामान्य जंगलों के साथ राष्ट्रीय उद्यानों के जंगलों में भी आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं, मगर इस बार जितनी घटनाएं हो रही हैं, उतनी बीते वर्षों में नहीं हुई हैं। जनवरी के बाद से लगातार आग लगने की घटनाओं तेजी आई है और आंकड़ा तो बीते सालों के मुकाबले कई गुना है।
पिछले दिनों सबसे बड़ी घटना उमरिया जिले में स्थित राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ में हुई। यहां पर बीते दिनों आग लग गई थी और इस अग्निकांड में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। जानकारों की मानें तो यह वन क्षेत्र लगभग डेढ़ हजार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है एक अनुमान के मुताबिक लगभग एक प्रतिशत इलाके को इस अग्निकांड से नुकसान हुआ है। बताया गया है कि एक साथ 15 से 20 स्थानों पर आग लगी थी। इसमें से कई स्थान बफर क्षेत्र और मुख्य क्षेत्र के हिस्से में आते हैं।
राज्य के वन मंत्री विजय शाह का कहना है कि बांधवगढ़ में जो आग लगी थी, उसमें काफी नुकसान हुआ है इस तरह की आग से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों की सख्त जरूरत है। इसी को लेकर छह और सात अप्रैल को एक बैठक बुलाई गई है। इतना ही नहीं आग पर नियंत्रण पाने के लिए अग्निशमन विमान का उपयोग किया जा सके। इस दिशा में भी प्रयास जारी है।
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के डायरेक्टर विंसेंट रहीम का कहना है कि, “बांधवगढ़ पार्क के जिन हिस्सों में आग लगी थी उस पर 24 घंटे में ही नियंत्रण पा लिया गया था, वहीं कुल कितने क्षेत्र में नुकसान हुआ है, इसकी लिए जांच के लिए समिति बनाई गई है, उसकी रिपोर्ट से ही वास्तविकता का पता चल पाएगा।”
इसी तरह शिवपुरी जिले में माधव नेशनल पार्क कुछ क्षेत्रों में लगातार आग से हादसे हो रहे हैं। गतवाया क्षेत्र में आग लग गई, जो तीन किमी से ज्यादा क्षेत्रफल में आग फैल गई। आग बुझाने के लिए पार्क का अमला पूरे दिन लगा रहा, तब कहीं आग पर काबू पाया जा सका। पहले बलारपुर क्षेत्र में आग लगी थी। शनिवार को गांगुली के जंगल में आग लग गई थी। नेशनल पार्क पूर्व रेंज के रेंजर सुरेश शर्मा का कहना है कि बलारी माता मंदिर पाक की सीमा में मौजूद है। मन्नत पूरी हो जाने पर श्रद्धालु आकर कहीं भी ज्योत जलाए जाते हैं, जिससे आग आस पास के क्षेत्र में फैल जाती है।
इसके अलावा पन्ना राष्टीय उद्यान में तो बीते एक पखवाड़े से लगातार कहीं न कहीं आग लग रही है। यह क्रम लगातार बना हुआ है। पार्क प्रबंधन का कहना है कि आम तौर पर गर्मी के मौसम में आग लगती ही है, इस बार भी गर्मी के कारण ही आग लग रही है।
वहीं वन्य क्षेत्रों के जानकारों का कहना है कि, “यह आग सामान्य नहीं है, इसकी बड़ी वजह साजिश और लापरवाही हो सकती है। आग से सुरक्षा के वे इंतजाम नहीं किए गए हैं, जो आमतौर पर किए जाते थे, चैकीदारों की कमी है, इसके अलावा कुछ लोग जंगल में अतिक्रमण करना चाहते हैं उनके लिए आग एक अच्छा तरीका होता है, जंगल को साफ करने का और वे गर्मी के मौसम को इसके लिए चुनते हैं। इसके अलावा कई शिकारी जंगल में आग लगाते हैं ताकि वन्य प्राणी एक स्थान से दूसरे स्थान पर भागें और उन्हें शिकार का अवसर मिल जाए।”


