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August 3, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

स्यूटा प्रवासी संकट पर यूरोप में बढ़ी हलचल, पीएम सांचेज ने ईयू को लिखा खत

मैड्रिड, 1 अगस्त । स्पेन के स्वायत्त शहर स्यूटा में प्रवासी संकट को लेकर यूरोप में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चारों ओर से निशाने पर लिए जा रहे स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने यूरोपीय संस्थानों को पत्र लिख दिया है। उन्होंने कुछ सदस्य देशों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) से 27 सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की अपील की।

स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार रात स्यूटा में कोई नई अवैध घुसपैठ नहीं हुई और सभी प्रवेश मार्गों को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया गया। इस बीच, तराजाल ब्रेकवाटर पर नई अवरोधक (कंटेनमेंट) बाधाओं की स्थापना शुरू कर दी गई है।

एल पायस मीडिया आउटलेट ने ताजा सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया कि, स्पेन पहुंचने की कोशिश में करीब 67 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मोरक्को से आए लगभग 50,000 प्रवासियों में से 48,000 से अधिक को वापस भेजा जा चुका है।

स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि “हमने 24 घंटे के भीतर स्थिति को पलट दिया।” वहीं सरकार ने मेलिला सीमा को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की भी घोषणा की है।

उधर, इटली, जर्मनी, डेनमार्क समेत कुल 24 यूरोपीय देशों ने शनिवार को यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की मांग की है, ताकि सीउटा संकट पर संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके और बाहरी सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

इन देशों ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और वर्तमान ईयू परिषद अध्यक्ष आयरलैंड को भेजे गए संयुक्त पत्र में कहा कि बैठक का उद्देश्य स्थिति का सामूहिक आकलन करना और समन्वित यूरोपीय प्रतिक्रिया पर सहमति बनाना होना चाहिए।

पत्र में कहा गया है कि स्पेन को यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा पर प्रभावी नियंत्रण बहाल करने और अनियंत्रित अवैध प्रवेश रोकने के लिए ईयू के उपलब्ध संसाधनों और तंत्र का तत्काल उपयोग किया जाना चाहिए।

इटली और जर्मनी की पहल पर तैयार इस पत्र में फ्रोंटेक्स (यूरोपीय सीमा एवं तटरक्षक एजेंसी) की सहायता बढ़ाने और मोरक्को के साथ यूरोपीय सहयोग को और प्रभावी बनाने की भी मांग की गई है।

हस्ताक्षरकर्ता देशों ने कहा कि मानव तस्करों को यूरोपीय संघ की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पत्र में कहा गया कि यूरोपीय देशों का दायित्व है कि वे अवैध प्रवासन को प्रभावी ढंग से रोकें, बाहरी सीमाओं को मजबूत करें और ऐसी नीतियों से बचें जो अवैध प्रवास के लिए आकर्षण (पुल फैक्टर) का काम करें।

पत्र में यह भी कहा गया कि यूरोपीय संघ “अनियंत्रित सामूहिक सीमा पार करने, प्रवासन के दुरुपयोग या ऐसे किसी भी हाइब्रिड खतरे को स्वीकार नहीं कर सकता, जिससे यह संदेश जाए कि अवैध रूप से यूरोप में प्रवेश कर कानूनी निवास प्राप्त किया जा सकता है।”

इन देशों ने स्पेन और मोरक्को के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों की शीघ्र वापसी सकारात्मक कदम है और उन्हें विश्वास है कि यूरोपीय संघ के सहयोग से मौजूदा स्थिति पर जल्द पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा।

बता दें, कि शुक्रवार को महज 24 घंटे के अंदर 60,000 से ज्यादा प्रवासी मोरक्को से नॉर्थ अफ्रीकी इलाके स्यूटा में घुस आए थे। यूरोपीय इलाके में पहुंचने की कोशिश में हुई अफरातफरी में 67 लोगों की जान चली गई।

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