ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच ग्लासगो में हुआ, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने सर्वाधिक मेडल जीतकर शीर्ष पायदान हासिल किया। ग्लासगो 2026 में 74 कॉमनवेल्थ देशों और अन्य रीजन के 3,000 से ज्यादा एथलीट्स ने 16 खेलों में हिस्सा लिया। इनमें 10 एबल-बॉडी और 6 इंटीग्रेटेड पैरा स्पोर्ट्स शामिल रहे। 216 मेडल इवेंट्स वाले 23वें एडिशन में कुल 674 मेडल दिए गए।
ऑस्ट्रेलिया कुल 171 मेडल के साथ शीर्ष पर रहा, जिसने 70 गोल्ड, 45 सिल्वर और 56 मेडल हासिल किए। यह देश स्विमिंग और पैरा स्विमिंग में सर्वाधिक 76 मेडल (37 गोल्ड, 16 सिल्वर, 23 ब्रॉन्ज) अपने नाम करने में सफल रहा।
ओवरऑल मेडल टैली में इंग्लैंड 110 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इस देश ने 29 गोल्ड, 45 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज हासिल किए। बॉल्स/पैरा बॉल्स में इंग्लैंड के नाम 3 गोल्ड के साथ कुल 6 मेडल रहे। वहीं, कनाडा कुल 62 मेडल के साथ तीसरे पायदान पर रहा, जिसने 19 गोल्ड, 20 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल जीते। कनाडा ने आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक में 7 गोल्ड निकाले।
भारत ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल रहे। एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में देश के नाम 16 मेडल रहे। वहीं, बॉक्सिंग में भारत एक महाशक्ति बनकर उभरा, जिसने सर्वाधिक 7 गोल्ड अपने नाम किए। इसके अलावा, वेटलिफ्टिंग में भारत ने कुल 8 मेडल हासिल किए। जूडो में भारत ने अपना दमखम दिखाते हुए कुल 4 मेडल जीते। पैरा-पावरलिफ्टिंग में भारत ने एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।


