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August 3, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

दक्षिण कोरिया: पश्चिमी मोर्चे के प्रथम कोर कमांडर को हटाया गया, जिम्मेदारी ठीक से न निभा पाने का आरोप



सोल, 3 अगस्त  दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को पश्चिमी मोर्चे की जिम्मेदारी संभालने वाले सेना की प्रथम कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हान की-सुंग को ड्यूटी से हटा दिया। यह कार्रवाई सैनिकों को बिना लोडेड गोला-बारूद के गार्ड ड्यूटी कराने के आदेश और हाल में अमेरिकी सैन्य ड्रोन से जुड़े मिसकम्युनिकेशन मामलों की जांच के बीच की गई है।



योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने बताया कि प्रथम कोर में सैनिकों को गार्ड ड्यूटी के दौरान के6 भारी मशीनगन और के4 ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर बिना गोला-बारूद लोड किए रखने और जिंदा कारतूस हथियारों के बगल में रखने के निर्देश दिए गए थे। इस खुलासे के बाद अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों की युद्धक तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मामले की जांच पूरी होने तक लेफ्टिनेंट जनरल हान की-सुंग को सोमवार से उनके पद से अलग कर दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह निर्देश कोर कमांडर ने अपने स्तर पर जारी किए थे, जबकि दक्षिण कोरियाई सेना के नियमों के अनुसार अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों के हथियार सामान्यतः लोडेड रहने चाहिए।

घटना के बाद सेना के ग्राउंड ऑपरेशंस कमांड ने अपने अधीन सभी पांच कोर मुख्यालयों का व्यापक निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अन्य इकाइयों में भी इसी तरह की व्यवस्था तो लागू नहीं की गई थी तथा हथियारों के प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करना है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल सेना के ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड के कमांडर को कार्यवाहक कमांडर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी प्रथम कोर पर पिछले सप्ताह अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं के बीच संदेशों का सही से आदान-प्रदान न करा पाने का भी आरोप है। इस भ्रम के कारण अंतर-कोरियाई सीमा के निकट उड़ रहे एक अमेरिकी टोही ड्रोन को दक्षिण कोरियाई सेना ने संभावित खतरा समझ लिया था और उसे रोकने की स्थिति बन गई थी।

दक्षिण कोरियाई सेना ने गुरुवार को उत्तरी ग्योंगगी प्रांत में अंतर-कोरियाई सीमा के निकट एक जनरल आउटपोस्ट के दक्षिण में एक मानवरहित विमान दिखाई देने पर वायु रक्षा अलर्ट सक्रिय कर दिया था। हालांकि बाद में पुष्टि हुई कि वह ड्रोन अमेरिकी सेना का था और उसे मार गिराने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उधर, यूनाइटेड स्टेट्स फोर्सेस कोरिया का कहना है कि उसने ड्रोन की निर्धारित उड़ान की पूर्व सूचना दक्षिण कोरियाई सेना को दे दी थी, लेकिन यह सूचना कथित तौर पर उच्च सैन्य मुख्यालय तक समय पर नहीं पहुंच सकी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

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