असमान वर्षा का नहीं हुआ असर, कृषि अधिकारियों ने किया निरीक्षणजबलपुर। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और मौसम की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए चलाए जा रहे ‘फसल विविधीकरण’ अभियान के सकारात्मक परिणाम नजर आने लगे हैं। विकासखंड पाटन के ग्राम पौंडी राजघाट में क्षेत्र भ्रमण के दौरान विभाग की टीम ने किसानों से तिल फसल प्रदर्शन के उत्साहजनक रुझान प्राप्त किए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने कृषक कोमल सिंह के खेत में पहुंचकर कृषि विभाग द्वारा लगवाए गए तिल फसल प्रदर्शन का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अन्य किसानों को कोमल सिंह की सफलता का उदाहरण देते हुए परंपरागत खेती से हटकर वैकल्पिक और लाभदायक फसलों को अपनाने (फसल विविधीकरण) के लिए प्रोत्साहित किया।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मार्गदर्शन में कोमल सिंह ने इस सीजन में पारंपरिक फसलों के बजाय फसल चक्र में बदलाव किया। उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई उच्च गुणवत्ता वाली किस्म ‘गुजरात तिल 6’ (जीटी-6) की 8 एकड़ के रकबे में बोनी की।
कृषक कोमल सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों में मक्का और उड़द की खेती के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इस बार मानसून में हुई असमान वर्षा के बावजूद उनकी तिल की फसल पर कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। पारंपरिक फसलों की तुलना में यह काफी सुरक्षित और कम लागत वाली साबित हो रही है।
असमान और अप्रत्याशित मानसून के इस दौर में कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन देने वाली ‘गुजरात तिल 6’ प्रजाति किसानों के लिए अच्छा विकल्प बनकर उभरी है। कृषि विभाग के इस सफल प्रदर्शन और कोमल सिंह की पहल को देखकर क्षेत्र के अन्य किसान भी अब फसल विविधीकरण की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
निरीक्षण दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन श्रीमति सीमा राउत, कृषि विस्तार अधिकारी देवआनंद सिंह एवं स्थानीय कृषक मेघराज सिंह, राजपाल सिंह भी मौजूद थे।


