मॉस्को,अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देशों के क्षेत्रों पर उकसावे वाले हाइब्रिड और साइबर हमले करने की मंजूरी दे सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन कदमों में पूर्ण पैमाने पर पारंपरिक सैन्य अभियान के अलावा अन्य अस्वीकार्य उपाय शामिल हो सकते हैं। पिछले कुछ महीनों की तुलना में पुतिन की रणनीतिक सोच में यह बड़ा बदलाव देखा गया है।अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन संभावित हाइब्रिड हमलों का मुख्य उद्देश्य पूर्ण सैन्य युद्ध शुरू करना नहीं है, बल्कि नाटो देशों की आपसी एकजुटता को परखना है।रूस यह भी देखना चाहता है कि किसी नाटो सहयोगी देश पर अप्रत्यक्ष हमला होने पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस पर क्या और कितनी कड़ी कार्रवाई करता है।
पिछले महीने पुतिन ने पश्चिमी देशों पर राष्ट्रीय आत्मनिर्णय की अनदेखी करने का आरोप लगाया था।
इससे पहले पुतिन ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि रूस के खिलाफ लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध पूरी तरह से बेअसर साबित हुए हैं।रूसी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, पुतिन ने कहा कि 2022 से ही पश्चिमी देशों की रूस-विरोधी (रुसोफोबिक) मशीन पूरी ताकत से काम कर रही है।हालांकि, उन्होंने संकल्प जताया कि रूस, यूक्रेन में अपने विशेष सैन्य अभियान के सभी लक्ष्यों को हर हाल में हासिल करके रहेगा।तनाव के बीच यूक्रेन की राजधानी कीव के पास रूसी हमले शनिवार को भी जारी रहे, जिनमें रात भर हुए हमलों में एक बच्चे सहित कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई।यह घटना शनिवार की रात राजधानी के उत्तर-पूर्व में स्थित ब्रोवरी जिले में मिसाइलों से हमला होने के बाद घटी।मिसाइल हमलों से घरों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। मलबे से आवासीय इमारतों और कारों को क्षति पहुंची और गैर-आवासीय इमारत में आग लग गई।


