जयपुर, राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान अब ‘एक राज्य-एक चुनाव’ पहल को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के अधिकारियों और कॉलेज प्रिंसिपलों से बातचीत करते हुए राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने युवा वोटरों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और सोच-समझकर वोट देने का आग्रह किया।
उन्होंने सचिवालय के एनआईसी मीटिंग हॉल से इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के अधिकारियों और कॉलेज प्रिंसिपलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस कार्यक्रम का मकसद युवा वोटरों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना, वोटर जागरूकता को बढ़ावा देना और कॉलेज स्तर पर चुनावी साक्षरता गतिविधियों को और ज्यादा असरदार बनाना था। इसमें ‘एक राज्य-एक चुनाव’ और युवा वोटरों और इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की भूमिका पर प्रेजेंटेशन भी दिए गए। राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र में हर वोट एक नागरिक की आवाज का प्रतिनिधित्व करता है, और युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाती है। उन्होंने युवा वोटरों से आग्रह किया कि वे यह पक्का करें कि उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल हों और सही जानकारी के आधार पर वोट देने का फैसला करें। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि वे समझदारी से अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करें और अफवाहों, लालच और बाहरी दबाव से दूर रहें।
उन्होंने जोर दिया कि युवा वोटरों को न सिर्फ खुद भाग लेना चाहिए, बल्कि अपने परिवारों और समुदाय के अन्य सदस्यों को भी वोट देने के लिए प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम में ज्यादा भागीदारी और व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब को ‘लोकतंत्र की प्रयोगशाला’ में बदलने पर जोर दिया गया।पंचायती राज के इतिहास में राजस्थान की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, सिंह ने कहा कि राज्य को देश में पंचायती राज व्यवस्था की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है और अब उसके पास ‘एक राज्य-एक चुनाव’ पहल में अग्रणी भूमिका निभाने का मौका है। उन्होंने कहा कि सभी शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थानों के लिए एक साथ चुनाव कराने का फैसला चुनावी प्रक्रिया को सरल, ज्यादा कुशल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


