सावन माह मे झूला झूलकर सुहाग सामग्री वितरण कर कार्यक्रम का हुआ समापन
वारासिवनी…..प्रगतिशील कलार समाज का सावन झूला महोत्सव समाज की महिलाओं के साथ प्रकृति की हरियाली के बीच और भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुरूप सम्पन्न हुआ। नगर के गांधी बाल उद्वान मे शाम के समय महिलाओ के आने का सिलसिला लंबे समय तक देखा गया।
कलार समाज की संरक्षक श्रीमती स्मिता प्रदीप जायसवाल के स्वागत के साथ साथ महिलाओं ने कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए सर्वप्रथम अपने आराध्य देव सहस्रबाहु भगवान जी की पूजा आराधना की।
साथ ही श्रीकृष्ण की प्रतिमा को झूला झुलाकर कार्यक्रम की शुरूवात की गयी। पश्चात बालाघाट से आए अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील कलार समाज की अध्यक्ष श्रीमती श्रीति पालेवार व आभार प्रदर्शन हर्षिता शिवहरे, मीना शिवहरे के द्वारा किया गया।
कलार समाज की संरक्षक श्रीमती स्मिता प्रदीप जायसवाल ने पूछे जाने पर बताया की यह महोत्सव पवित्र सावन महीने मे मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और सांस्क्रतिक उत्सव है। इसमे भगवान श्रीक्रष्ण राधा जी की झूला लीला की याद मे झूले डाले जाते है। जिन पर झूलकर महिलाये और भक्तगण गीत गाते है। आज सामाजिक महिलाओ ने भी गांधी बाल उद्वान मे सावन के गीत गाकर झूला झूलकर सुहाग सामग्री वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे श्रीमती स्मिता जायसवाल, श्रीति पालेवार, मधु जायसवाल, सुशीला धनकड,़े वैशाली डहरवाल, मनीषा पीपरेवार, मीना शिवहरे, हर्षिता शिवहरे ममता पिपलेवार, मीना धुवारे, किरन दहाके, पूजा सोनेकर, अनामिका मेहरबान, पवन रेखा मंडलेकर, डॉली भोरगड़े, आरति सोनेकर, रीना चापुकर, गीता धुवारे, गीता चैरगड़े, भावना कोसरकर,प्राची सिरसाते, शिल्पा हरडे, मीना डहरवाल, मोनिका सोनेकर, श्रीमती योगिता, ज्योति डहरवाल, साधना दहीलिंगे, रेखा डहरवाल आदि का सहयोग सराहनीय रहा।


