जबलपुर। स्टूडेंट्स के बढ़ते तनाव और जीवन की उलझनों के बीच जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स और प्रोफेसर्स ने ‘अंतर्गीता’ नाम का एआई आधारित ऐप तैयार किया है। करीब 90 हजार रुपए की लागत से तैयार यह ऐप यूजर की डायरी, दैनिक गतिविधियों और व्यवहार का विश्लेषण कर भगवद्गीता की शिक्षाओं के आधार पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने का प्रयास करेगा। ऐप जल्द ही प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया जाएगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि ऐप का विचार ऐसी डिजिटल डायरी बनाने से आया, जो केवल बातें दर्ज न करे, बल्कि यूजर की समस्याओं और व्यवहार को समझकर उपयोगी मार्गदर्शन दे। प्राचार्य राजीव चांडक ने बताया कि ऐप पूरी तरह तैयार है और जल्द इसका विमोचन होगा।
ऐप में डायरी, बिहेवियर एनालिसिस, डिजिटल वेलबीइंग, कर्मा स्कोर, हील योरसेल्फ और गीता कंपेनियन जैसे फीचर हैं। ‘हील योरसेल्फ’ यूजर की समस्या के अनुरूप भगवद्गीता के श्लोक और उनका अर्थ उपलब्ध कराएगा। इसकी व्याख्या स्टोरी, कॉमिक और वीडियो के जरिए भी की जाएगी।
‘गीता कंपेनियन’ में यूजर सीधे अपने सवाल पूछ सकेगा। वहीं डिजिटल वेलबीइंग फीचर मोबाइल इस्तेमाल का विश्लेषण करेगा। ‘ग्रेटिटूड लॉग’ और ‘कर्मा स्कोर’ सकारात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगे।
ऐप विकास में डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. माधुरी गोखले, अविषा गुप्ता, दिनकर दुबे सहित अन्य प्रोफेसर्स और स्टूडेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


