जबलपुर के चार थानों में दर्ज ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े मामलों में ट्रायल जारी रहेगा
जबलपुर। दुबई में रह रहे सतीश सनपाल को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जबलपुर के अलग-अलग थानों में दर्ज 6 एफआईआर रद्द कराने के लिए दाखिल सभी याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने मंगलवार को सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया।
सतीश सनपाल की ओर से दायर याचिकाओं में ओमती थाने की 3, सिविल लाइंस, लॉर्डगंज और मदन महल थाने की एक-एक एफआईआर को चुनौती दी गई थी। इनमें ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े आरोपों का उल्लेख है।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह 14 मार्च 2020 से दुबई में रह रहा है और इसके बाद भारत नहीं आया। उसकी गैरमौजूदगी में बदनाम करने की नीयत से मामले दर्ज किए गए। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह ने याचिकाओं का विरोध किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाले अपराधों में आरोपी का घटनास्थल या संबंधित देश में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं होना उसे स्वतः आपराधिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता। कोर्ट ने कहा कि सह आरोपी के बयान, गवाहों की विश्वसनीयता और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मूल्यांकन ट्रायल कोर्ट में किया जाएगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि धारा 528 के तहत हाईकोर्ट मिनी-ट्रायल नहीं कर सकता। सभी छह याचिकाएं खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।


