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October 27, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती धांधली खिलाफ आंदोलन का 24वां दिन

झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन उग्र मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को धरने के 24वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। प्रशासन द्वारा दोपहर 2 बजे वार्ता का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद छात्रों ने दो टूक कहा है कि वार्ता तभी सार्थक होगी जब मुख्यमंत्री खुद इसमें शामिल हों।

अनशन के 14वें दिन आंदोलनकारी छात्र प्रेम नायक ने अपनी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और सरकार की बेरुखी पर आक्रोश व्यक्त किया।तबीयत बिगड़ी, संघर्ष जारी : उन्होंने कहा, “आज धरने का 24वां और मेरी भूख हड़ताल का 14वां दिन है। स्थिति बहुत गंभीर है और तबीयत लगातार बिगड़ रही है। लगता नहीं कि हम ज्यादा दिन जीवित रह पाएंगे, लेकिन आखिरी सांस तक राज्य और छात्रों के हक के लिए लड़ेंगे, पीछे नहीं हटेंगे।”सरकार को चेतावनी : उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि मामले को मंत्रियों के भरोसे न छोड़ा जाए। उन्होंने चेताया, “यदि सरकार ने समय रहते सुध नहीं ली, तो धीरे-धीरे उग्र हो रहे छात्रों की यह चिंगारी कब दावानल बन जाएगी, इसका अंदाजा नहीं लगेगा। हमें वार्ता के नाम पर केवल बुलाया जाता है, लेकिन मांगें नहीं मानी जातीं।”

4 छात्र भूख हड़ताल पर, 2 अस्पताल में भर्ती: आंदोलन स्थल पर डटे साथियों में से 4 भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें से 2 की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।सीएम की मौजूदगी अनिवार्य : उन्होंने बताया कि एसडीएम व एडीएम के माध्यम से दोपहर 2 बजे सरकारी वार्ता का संदेश प्राप्त हुआ है। छात्र वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन वार्ता में मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। छात्रों के भविष्य और परीक्षा रद्द करने की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा।
इधर, आंदोलनकारियों के साथ होने वाली प्रस्तावित वार्ता पर कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा:सकारात्मक समाधान का प्रयास : “शुरू से ही हमारा प्रयास रहा है कि छात्रों की चिंताओं का उचित समाधान निकले। इसी कड़ी में आज बैठक रखी गई है।”
आपसी सहमति की अपील : उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बात सुननी होगी। जिद्द पर अड़े रहने से समाधान नहीं निकलता, बल्कि सकारात्मक बातचीत से ही रास्ता तैयार होता है।

 

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